दिल्ली में आतंकी हमले के चार आरोपितों की एनआईए कस्टडी 10 दिन और बढ़ी, फंडिंग और नेटवर्क कड़ी की जांच तेज
दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश में शामिल चार आरोपियों की एनआईए हिरासत 10 दिन बढ़ाई गई है। एनआईए अब फंडिंग स्रोत और नेटवर्क की जांच करेगी। एजेंसी का लक्ष्य इस साजिश से जुड़े हर पहलू को उजागर करना और भविष्य में होने वाले ऐसे हमलों को रोकना है।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पटियाला हाउस स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने लाल किले के पास हुए कार बम धमाका मामले में गिरफ्तार चार आरोपितों की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कस्टडी को 10 दिन और बढ़ा दिया। शनिवार को सुनवाई के दौरान एजेंसी ने मामले की गहराई से जांच के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी।
सभी चार आरोपित मुजम्मिल गनई, डाॅ. अदील अहमद राठर और शाहीना सईद के साथ-साथ मौलवी इरफान अहमद वागे को प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष पेश किया गया था। एनआईए ने अपनी दलील में कहा कि प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और वित्तीय सुराग मिले हैं, जिनकी गहन जांच लंबित है।
एजेंसी ने यह भी दावा किया कि आरोपितों की भूमिका सिर्फ घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि मामले में संभावित फंडिंग और अंतरराज्यीय संपर्कों की कड़ी भी सामने आ सकती है। इसलिए रिमांड बढ़ाना जरूरी है।
10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके में 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। एनआइए अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इनमें कार के पंजीकृत मालिक आमिर राशिद अली, तकनीकी सहायता देने वाले जासिर बिलाल वानी और आतंकी उमर को पनाह व लाजिस्टिक सपोर्ट देने वाला शोएब शामिल हैं।
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