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CTI को दिल्ली में महारैली से 10 हजार करोड़ के नुकसान का डर, राहुल गांधी को व्यापारियों ने फिर लिखी चिट्ठी

Published: Tue, 27 Oct 2026 12:10 PM (IST)

दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली इंडी गठबंधन की रैली को लेकर व्यापारियों ने चिंता जताई है।CTI ने राहुल ...और पढ़ें

दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की तैयारियों के बीच व्यापारियों ने एक बार फिर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर प्रदर्शन टालने का अनुरोध किया है। फाइल फोटो

दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की तैयारियों के बीच व्यापारियों ने एक बार फिर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर प्रदर्शन टालने का अनुरोध किया है। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली में इंडी गठबंधन की रैली पर व्यापारियों की चिंता।

  2. सीटीआई ने राहुल गांधी से रैली टालने की अपील की।

  3. व्यापारियों को 10,000 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली प्रस्तावित विशाल रैली को लेकर व्यापारियों ने फिर से चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को विस्तृत पत्र लिखकर रैली को दीवाली के बाद किसी तारीख पर टालने की अपील की है।

सीटीआई को 10 हजार करोड़ के नुकसान का डर

व्यापारियों का कहना है कि दीवाली की खरीदारी का सीजन चल रहा है। अगर 31 अक्टूबर से ही बैरिकेडिंग शुरू हुई और सड़कें बंद हुईं, तो व्यापार को भारी नुकसान होगा।

सीटीआई ने अनुमान जताया है कि इस रैली से पुरानी दिल्ली के बाजारों में कारोबार पूरी तरह ठप पड़ सकता है और व्यापारियों को करीब 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर महज 3,000-4,000 लोगों के प्रदर्शन में सेंट्रल दिल्ली के बंद होने से व्यापारियों को 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

इंडी रैली को लेकर सीटीआई को किस बात की है चिंता?

सीटीआई के अनुसार, इस रैली में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए 15,000 से 20,000 बसें और अन्य वाहन दिल्ली पहुंच सकते हैं। इससे रामलीला मैदान के आसपास के इलाकों में भारी जाम की आशंका है।

रामलीला मैदान चारों तरफ चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, सदर बाजार, चावरी बाजार, कश्मीरी गेट, नबी करीम और करोल बाग जैसे बड़े थोक और खुदरा बाजारों से घिरा हुआ है। हर रास्ता इन बाजारों से होकर गुजरता है।

राहुल गांधी ने व्यापारियों को नहीं दी थी राहत

बता दें कि राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर व्यापारियों को जवाब देते हुए कहा था कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा दें, तो प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक सकता है।

'30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा'

राहुल ने लिखा, 'दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं... मोदी जी से कहिए - आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।'

सीटीआई ने प्रदर्शन स्थल बदलने की दी सलाह

सीटीआई ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी पत्र की कॉपी भेजी है। व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि अगर रैली टाली नहीं जा सकती तो इसे रामलीला मैदान की जगह बुराड़ी ग्राउंड या जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जैसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए, जहां बाजारों पर असर न पड़े। दरअसल, यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन के लंबे अभियान का हिस्सा है।

क्या कहते हैं सीपीआई के सांसद?

दिल्ली के व्यापारियों द्वारा राहुल गांधी से 1 नवंबर को होने वाली रैली को आगे न बढ़ाने का आग्रह करने पर, सीपीआई के सांसद पी. संतोष कुमार ने एजेंसी से कहा, 'लोकतंत्र के बिना हम व्यापार के बारे में कैसे सोच सकते हैं? इसलिए, व्यापारियों को यह समझना चाहिए कि यह विरोध प्रदर्शन उनके और समाज के अन्य वर्गों के लिए भी है। यह पूरे भारत का आंदोलन है, और व्यापक चुनावी सुधार, खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाना, आज की सबसे बड़ी जरूरत है।'

सवाल- आखिर फॉर्म-6 किसने बदला?

वहीं, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से दायर किए हलफनामे पर सीपीआई सांसद ने कहा, 'चाहे फैसला सर्वसम्मति से लिया गया हो या बहुमत से, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यह फैसला अवांछित था, स्वीकार्य नहीं है, और यह 1960 के चुनावी पंजीकरण नियमों का उल्लंघन है। असल सवाल यह है कि क्या इस तरह के एसआईआर (विशेष चुनावी पंजीकरण) की जरूरत थी, और फॉर्म 6 में ये बदलाव करने का आदेश किसने दिया?'

रामलीला में जोरशोर से हो रही तैयारी

इधर व्यापारियों और कांग्रेस के बीच पत्राचार के बीच उधर दिल्ली के रामलीला मैदान में कथित 'मत धांधली' के खिलाफ इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली की तैयारियां चल रही हैं। वहां टेंट लगाए जा रहे हैं। तय समय से पहले रैली की तमाम तैयारियों को पूरा करने के लिए दिनरात मेहनत की जा रही है। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने दीपावली के समय को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे हैं।

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