दिल्ली से पटना सिर्फ 5 घंटे में, पहले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की DPR तैयार; सिलीगुड़ी तक जाएगी हाई स्पीड रेल
दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की तैयारी तेज हो गई है, जिसमें दिल्ली-वाराणसी खंड के लिए डीपीआर रेल मंत्रालय को सौंप दी गई है।

दिल्ली से सिलीगुड़ी तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की डीपीआर सौंप दी गई
1,557 किमी लंबा कॉरिडोर दिल्ली, पटना, सिलीगुड़ी तक जुड़ेगा
यात्रा समय में भारी कमी, कनेक्टिविटी में सुधार होगा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की तैयारी तेज हो गई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की डीपीआर तैयार कर रेल मंत्रालय को सौंप दी है।
करीब 1,557 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित कॉरिडोर को दो चरणों में विकसित करने की तैयारी है, जिसमें पहले दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन चलेगी और बाद में इसे पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक बढ़ाया जाएगा।
डीपीआर के बाद ग्राउंड सर्वे तेज
दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल के ग्राउंड सर्वे की तैयारी भी तेज कर दी गई है। NHSRCL ने वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की तैनाती के लिए 7 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया है।
इसके तहत तीन विशेष कार्य अधिकारी और तीन अपर महाप्रबंधक तैनात होंगे। अगले 30 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी होने की बात कही गई है। दिल्ली, नोएडा, नई दिल्ली, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और पटना में नियुक्त अधिकारियों को परियोजना के ग्राउंड ऑपरेशन की जिम्मेदारी दी जाएगी।
पहले चरण में वाराणसी तक दौड़ेगी ट्रेन
दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई 813 किलोमीटर बताई गई है। यह दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, इटावा, कानपुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही होते हुए वाराणसी तक जाएगा।
दूसरे चरण में वाराणसी से पटना और फिर सिलीगुड़ी तक कॉरिडोर बढ़ाने की तैयारी है। पूरे दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर की लंबाई करीब 1,557 किलोमीटर बताई गई है।
इन शहरों से होकर गुजरेगा कॉरिडोर
प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट में दिल्ली, नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या की लिंक लाइन, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी शामिल हैं। आगे वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हिस्से में बिहार और पश्चिम बंगाल को हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
सफर का समय ऐसे घटेगा
| रूट | बुलेट ट्रेन का अनुमानित समय |
|---|---|
| दिल्ली-वाराणसी | 3 घंटे 50 मिनट |
| वाराणसी-सिलीगुड़ी | 2 घंटे 55 मिनट |
| पटना-सिलीगुड़ी | करीब 2 घंटे |
| दिल्ली-पटना | 4 घंटे 41 मिनट |
| दिल्ली-सिलीगुड़ी | 6 घंटे 45 मिनट |
बिहार में इन शहरों को फायदा
बिहार में बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, हाथीदह, बेगूसराय, महेशखूंट, कटिहार और किशनगंज जैसे स्टेशन बनाए जाने की संभावना बताई गई है। बिहार में इसके लिए एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा।
परियोजना के लिए लगभग 1,900 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित किए जाने की बात कही गई है। पटना जिले में बुलेट ट्रेन स्टेशन के लिए 21 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।
स्टेशन के लिए पहले फुलवारी शरीफ एम्स पटना के पास जमीन का निरीक्षण किया गया था। NHSRCL की सर्वे टीम ने बिहटा के पास स्टेशन का विकल्प भी सुझाया है।
दिल्ली-पटना सफर चार घंटे से कम
बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दिल्ली से पटना की यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। दिए गए आंकड़े के अनुसार यह सफर 4 घंटे 41 मिनट में पूरा होगा।
वहीं दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर 6 घंटे 45 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। इससे बिहार और बंगाल के शहरों की दिल्ली से कनेक्टिविटी तेज होगी।
सर्वे और जमीन पर भी तैयारी
उत्तर प्रदेश के आगरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे जिलों में भूमि अधिग्रहण के प्रस्तावों पर काम हो रहा है। बिहार में ग्राउंड सर्वे और स्वॉइल टेस्टिंग का काम चल रहा है।
डीपीआर को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे कैबिनेट के पास भेजे जाने की तैयारी है। पिछले बजट में सरकार ने सात बुलेट ट्रेन रूट को हाई प्रायोरिटी घोषित किया था, जिसमें वाराणसी रूट भी शामिल था।
280 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन
भारत बी28 स्वदेशी बुलेट ट्रेन कोच बना रहा है, जिनकी रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई है। जापान के शिंकानसेन बुलेट ट्रेन कोच 2029-30 तक मिलने की बात कही गई है और उनकी टॉप स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
जापान और चीन मैग्लेव ट्रेन भी बना रहे हैं, जिनकी स्पीड 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई है। वहीं रूस ने 360 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली Ivolga मालगाड़ी ट्रेनें भारत को देने की पेशकश की है।
