राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश बोले, 'जब राजनीति लड़खड़ाती है, तब संभालते हैं पत्रकार और साहित्यकार'
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर कहा कि राजनीति लड़खड़ाने पर साहित्यकार और पत्रकार देश को संभालते हैं। ...और पढ़ें

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में जागरण कृति सम्मान- 2025 समारोह में पत्रकारिता और साहित्य का संबंध विषय पर व्याख्यान देते मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश। जागरण
HighLights
राजनीति लड़खड़ाने पर पत्रकार और साहित्यकार देश को संभालते हैं।
भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में मीडिया की भूमिका।
मीडिया सकारात्मक खबरें दिखाए, नकारात्मक नैरेटिव से बचे।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित पत्रकारिता और साहित्य संबंध विषयक विशेष व्याख्यान में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने राष्ट्र निर्माण, पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर गंभीर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, इतिहास गवाह है कि जब भी राजनीति लड़खड़ाती है, साहित्यकार और पत्रकार ही उसे संभालते हैं। साहित्य व पत्रकारिता में वह ताकत है, जो वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के प्रति लोगों को जागरूक कर हम काफी पहले हासिल कर सकते हैं।
कई परियोजनाएं 'काॅस्ट ऑफ डिले' का शिकार रहीं
हरिवंश ने स्वतंत्रता के बाद भारत के विकास में होने वाली प्रशासनिक और राजनीतिक देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 1960 में पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा शिलान्यास किए गए सरदार सरोवर बांध को पूरा होने में 56 वर्ष लग गए। जो परियोजना 900 करोड़ रुपये में पूरी होनी थी, उसकी लागत बढ़कर 90 हजार करोड़ हो गई। यह देरी पूरे राष्ट्र के लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान है। इसी तरह कश्मीर रेलवे और पूर्वोत्तर की कई परियोजनाएं भी इस 'काॅस्ट ऑफ डिले' का शिकार रहीं, जिससे अब देश तेजी से उबर रहा है।
भारत की बढ़ती लाॅजिस्टिक क्षमता का प्रतीक
अपने व्याख्यान में उन्होंने केरल के विझिंजम अंतरराष्ट्रीय डीप वाटर मल्टीपर्पज बंदरगाह की सफलता को भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। हरिवंश ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों तक भारत के पास कोई गहरा बंदरगाह नहीं था, जिसके कारण हमारे कंटेनर्स को कोलंबो, सिंगापुर या यूएई में रुकना पड़ता था। इससे कंटेनर देश में लाना बहुत महंगा पड़ता था। पिछले वर्ष दो मई को प्रधानमंत्री द्वारा विझिंजम पोर्ट का उद्घाटन किया गया और जून 2025 में दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक जहाज एमएससी इरेना यहां पहुंचा, जो भारत की बढ़ती लाॅजिस्टिक क्षमता का प्रतीक है।
गरीबी मिटाए और संपदा का सृजन करे
राज्यसभा के उपसभापति ने दावोस के वैश्विक मंच पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि आज के दौर में पुराना वर्ल्ड आर्डर टूट चुका है। यदि कोई देश आर्थिक रूप से शक्तिशाली नहीं है, तो वह अपना बेहतर भविष्य नहीं गढ़ सकता। चीन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यवस्था वही श्रेष्ठ है जो देश से गरीबी मिटाए और संपदा का सृजन करे।
खबरें और भी
अंत में, उन्होंने मीडिया और साहित्य जगत से आह्वान किया कि वे केवल नकारात्मक नैरेटिव का हिस्सा न बनें, बल्कि देश के स्टार्टअप्स, सौर ऊर्जा ग्रिड, और रक्षा क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक सुधारों को जनता के सामने लाएं, ताकि 2047 से पहले ही एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सके।
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