कौन है निशु आजाद, जिसके लिए थाने तक पहुंचे चंद्रशेखर आजाद और CJP कार्यकर्ता; राहुल गांधी बोले- मैं तुम्हारे साथ हूं
15 वर्षीय कार्यकर्ता निशु आजाद 20 जुलाई के सीजेपी संसद मार्च से जुड़े विवाद में सुर्खियों में हैं, जहां उनके ...और पढ़ें

पार्लियामेंट थाने के बाहर निशु और चंद्रशेखर आजाद व सीजेपी के कार्यकर्ता।
HighLights
निशु आजाद 20 जुलाई के सीजेपी संसद मार्च विवाद में।
स्वतंत्र भारद्वाज पर निशु के पिता पर हमले का आरोप।
राहुल गांधी, चंद्रशेखर आजाद ने निशु का समर्थन किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया समेत राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ दिनों से एक 15 साल की लड़की का नाम तेजी से चर्चा में है। इस लड़की को राहुल गांधी से लेकर चंद्रशेखर आजाद और कॉक्रोच जनता पार्टी तक का समर्थन मिला है। छात्रों और सामाजिक मुद्दों से जुड़े प्रदर्शनों में शामिल होने वाली यह लड़की इस बार एक विवाद के केंद्र में है।
यह विवाद 20 जुलाई को हुए सीजेपी के संसद मार्च से जुड़ा है और अब यह विवाद इतना गहरा गया है कि इस मामले में इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में भी ले लिया गया है। यह लड़की कोई और नहीं निशु आजाद है।
निशु और उसके पिता का आरोप था कि स्वतंत्र ने 20 जुलाई को सादी वर्दी में निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था। इससे पहले भी निशु कई बार सुर्खियों में आ चुकी है, जानिए उसकी पूरी कहानी...
सीजेपी प्रोटेस्ट से पहले यूजीसी प्रदर्शनों में लिया था हिस्सा
निशु का नाम अकसर छात्र मुद्दों को लेकर छाया रहता है। सीजेपी प्रोटेस्ट से पहले इसी साल जनवरी में यूजीसी इक्विटी रेग्युलेशन को लेकर दिल्ली में जो विरोध प्रदर्शन हुए थे, उसमें भी निशु का नाम सामने आया था। डीयू के छात्रों समेत छात्रों के कई समूहों ने यूजीसी नियम वापस लेने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था, जिस प्रदर्शन में भी निशु का नाम जुड़ा था।
इसके बाद निशु का नाम सीजेपी के 20 जुलाई को हुए संसद मार्च से जुड़ा। इसी मार्च के दौरान आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया। अब जब एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र ने ये सब बातें कबूल कीं तो ये विवाद फिर सुर्खियों में आ गया है।
निशु के सोशल मीडिया अकाउंट पर क्या-क्या?
निशु के सोशल मीडिया अकाउंट को देखकर पता चलता है कि उसका प्रदर्शन किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है। वह अक्सर ही छात्र, सामाजिक न्याय, बहुजन राजनीति और सरकार से जुड़े मुद्दों पर राय रखने के साथ ही अपना विरोध भी दर्ज कराती है।
निशु की पहचान बहुजन सोशल मीडिया क्रिएटर और एक्टिविस्ट के तौर पर है। उन्होंने कितने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया उसे लेकर कोई रिकॉर्ड आदि उपलब्ध नहीं है।
अब राहुल से लेकर चंद्रशेखर तक क्यों कर रहे समर्थन?
20 जुलाई के दिन हुए सीजेपी के संसद मार्च के दौरान इंफ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज सादी वर्दी में पुलिस की बैटन से लोगों को मारता दिखा था। अब हाल में एक पॉडकास्ट में उसने यह बात अपने मुंह से कही और कहा कि उसे कुछ नहीं होगा क्योंकि पीछे कई लोग हैं।
इसी पॉडकास्ट के बाद चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी के आशुतोश रांका से लेकर राहुल गांधी तक ने निशु और उसके पिता का सपोर्ट किया और स्वतंत्र की गिरफ्तारी कर सख्त एक्शन लेने की मांग की। स्वतंत्र की गिरफ्तारी को लेकर आशुतोश रांका समेत सीजेपी के कार्यकर्ता, चंद्रशेखर आजाद, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया।
इसी के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र को बुलंदशहर से हिरासत में लिया और आश्वासन दिया है कि उसके खिलाफ एससी-एसटी की धाराओं में केस दर्ज होगा।
