कौन थे पॉल पोइरिट, जिन्होंने फैशन को 'बोझ' की जगह बनाया 'कंफर्ट'? वर्ल्ड वॉर में सेना के लिए भी सिले कपड़े
पॉल पोइरिट, 20वीं सदी के फ्रांसीसी डिजाइनर थे, जिन्होंने फैशन को कपड़ों से आगे बढ़कर परफ्यूम और लाइफस्टाइल तक पहुंचाया। ...और पढ़ें

पॉल पोइरेट: वो नाम जिसने कपड़ों को सिर्फ पहनावा नहीं, बल्कि 'लगातार बदलती लाइफस्टाइल' बना दिया (Image Source: X)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 20वीं सदी की शुरुआत में आधुनिक फैशन की दुनिया को पूरी तरह से बदलकर रख देने वाले फ्रांसीसी डिजाइनर पॉल पोइरिट किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने फैशन को केवल कपड़ों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे परफ्यूम, इंटीरियर और लाइफस्टाइल के रूप में दुनिया के सामने पेश किया।
फैशन की दुनिया के असली बाजीगर
20 अप्रैल 1879 को पेरिस के एक साधारण परिवार में जन्मे पॉल के पिता कपड़ों का एक छोटा व्यापार करते थे। यही कारण था कि बचपन से ही उनका रुझान कपड़ों और डिजाइन की तरफ हो गया। कम उम्र में ही उन्हें छाता बनाने वाली एक वर्कशॉप में काम सीखने के लिए भेज दिया गया था। यहीं से उन्होंने सिलाई-कढ़ाई सीखी और किशोरावस्था तक आते-आते वे अपने खुद के डिजाइन बेचने लगे थे। आगे चलकर उन्हें Jacques Doucet के साथ काम करने का मौका मिला, जहां उन्होंने फैशन की असली शिक्षा और बारीकियां सीखीं। उनके करियर की पहली बड़ी सफलता एक Red Cloak का डिजाइन था, जिसकी सैकड़ों कॉपियां हाथों-हाथ बिक गईं और यहीं से पॉल की एक अलग पहचान बननी शुरू हुई।
फैशन को 'बोझ' से आजाद कर 'आराम' बनाया
अपनी शुरुआती सफलता के बाद, पॉल पोइरिट ने चार्ल्स फ्रेड्रिक वर्थ द्वारा स्थापित दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित 'हाउस ऑफ वर्थ' में काम करना शुरू किया। यहां उन्हें शाही और भारी-भरकम गाउन से अलग, आम लोगों के लिए सरल और उपयोगी कपड़े डिजाइन करने का काम सौंपा गया। यहीं उनकी आधुनिक सोच का पारंपरिक फैशन से बड़ा टकराव हुआ। दरअसल, वर्थ के बेटे जीन वर्थ भव्य और भारी डिजाइनों को ही असली फैशन मानते थे, जबकि पॉल हल्के, आरामदायक और रोजमर्रा में पहने जाने वाले कपड़ों के पक्ष में थे। शुरुआत में पॉल के इन हल्के डिजाइनों की काफी आलोचना हुई, लेकिन जल्द ही ये आम ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए।

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23 साल की उम्र में खड़ा किया खुद का ब्रांड
साल 1903 में, महज 23 साल की उम्र में पॉल ने खुद का फैशन हाउस 'हाउस ऑफ पोइरिट' शुरू किया। यह फैशन के इतिहास का एक बहुत बड़ा मोड़ था। उस दौर की महिलाएं 'कॉर्सेट' पहनने को मजबूर थीं, जो उनके शरीर को बुरी तरह कसकर बांध देता था। पॉल ने इस दर्दनाक परंपरा को तोड़ा और महिलाओं को कॉर्सेट की जकड़न से मुक्त किया। उन्होंने शरीर को आजादी देने वाले ढीले, आरामदायक और बहते हुए कपड़े डिजाइन किए। उनके इन नए सिल्हूट्स में जापानी किमोनो, मिडिल ईस्ट के काफ्तान और पर्शियन स्टाइल की साफ झलक दिखती थी। पॉल ने हॉब्ल स्कर्ट, लैम्पशेड ट्यूनिक और होम पैंट्स जैसे बेहद साहसिक और नए प्रयोग किए।
फैशन बनी पूरी लाइफस्टाइल
पॉल पोइरिट केवल कपड़े बनाने तक नहीं रुके। 1911 में उन्होंने 'Les Parfums de Rosine' नाम से अपना खुद का परफ्यूम ब्रांड लॉन्च किया, जिसे किसी डिजाइनर द्वारा शुरू किया गया पहला परफ्यूम ब्रांड माना जाता है। इसके अलावा, उन्होंने 'La Maison Martine' के नाम से इंटीरियर डिजाइन और टेक्सटाइल का काम शुरू किया और कामकाजी वर्ग की लड़कियों के लिए एक आर्ट स्कूल भी खोला।
मार्केटिंग के बादशाह थे पॉल
पोइरिट की सबसे बड़ी ताकत उनकी बेहतरीन मार्केटिंग थी। उन्होंने फैशन शो, विंडो डिस्प्ले, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और थीम पार्टियों को एक बिल्कुल नया रूप दिया। 1914 में उन्होंने 9 मॉडल्स के साथ यूरोप का टूर किया, जिसे फैशन की दुनिया में 'ट्रंक शो' की शुरुआत माना जाता है। इसी दौर में उन्हें 'किंग ऑफ फैशन' की उपाधि दी गई।
पहले विश्व युद्ध में दिया योगदान
जब 1914 में पहला विश्व युद्ध शुरू हुआ, तो इस महान डिजाइनर ने सेना में एक टेलर के रूप में भी काम किया, जहां वे सैनिकों की यूनिफॉर्म की मरम्मत करते थे। ओरिएंटल स्टाइल और आरामदायक कपड़ों से आधुनिक फैशन की दिशा बदलने वाले इस महान डिजाइनर का 30 अप्रैल 1944 को निधन हो गया, लेकिन महिलाओं के फैशन को जो आजादी उन्होंने दी, वह आज भी कायम है।
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