भारत के पूर्व में होने पर भी क्यों कहलाता है West Bengal? 90% लोग नहीं जानते इसके नाम की असली वजह
भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित होने के बाद भी पश्चिम बंगाल के नाम में पश्चिम क्यों जोड़ा गया? इसकी कहानी भारत के विभाजन से जुड़ी है। ...और पढ़ें

कैसे मिला पश्चिम बंगाल को उसका नाम? (AI Generated Image)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के नक्शे पर अगर पश्चिम बंगाल को देखेंगे, तो वह आपको बिल्कुल पूर्वी छोड़ पर नजर आएगा। इस राज्य का नाम इसकी भौगोलिक स्थिति के साथ एक विरोधाभास है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि भारत के पूरब में बसे राज्य के नाम के साथ पश्चिम क्यों जुड़ा है।
अगर आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा है, तो इसका जवाब आपको इतिहास के पन्नों और भारत के विभाजन की त्रासदी में छिपा मिलेगा। आइए जानें क्यों पूर्व में स्थित राज्य पश्चिम बंगाल कहलाया।
अखंड बंगाल का गौरवशाली इतिहास
सदियों तक, बंगाल एक विशाल सांस्कृतिक क्षेत्र था। गंगा और ब्रह्मपुत्र के डेल्टा में फैला यह क्षेत्र कला, साहित्य और राजनीति का केंद्र था। ब्रिटिश शासन के दौरान भी, बंगाल प्रेसीडेंसी एक बहुत बड़ा प्रशासनिक क्षेत्र था, जिसमें आज का पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्से शामिल थे। उस समय तक इसे केवल बंगाल के नाम से ही जाना जाता था।
1905 का विभाजन
बंगाल में बढ़ते राष्ट्रवाद को कुचलने के लिए अंग्रेजों ने विभाजन का दांव खेला। 1905 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्जन ने बंगाल के विभाजन की घोषणा की। बंगाल के दो हिस्से किए गए। पूर्वी बंगाल, जिसमें हिंदू बहुमत में थे और पश्चिमी बंगाल, जो मुस्लिम बहुसंख्यक इलाका था।
हालांकि, उस समय भारतीयों के भारी विरोध और स्वदेशी आंदोलन के कारण 1911 में लॉर्ड हार्डिंग ने इस विभाजन को रद्द कर दिया, लेकिन इसने पूर्वी और पश्चिमी बंगाल की एक राजनीतिक लकीर खींच दी थी।
भारत-पाकिस्तान का बंटवारा

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बंगाल के नाम के साथ पश्चिम शब्द जुड़ने का सबसे बड़ा और अंतिम कारण 1947 में भारत और पाकिस्तान का बंटवारा बना। जब भारत को धार्मिक आधार पर विभाजित किया गया, तो बंगाल प्रांत को भी दो हिस्सों में काट दिया गया।
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एक हिस्सा बना पश्चिम बंगाल, जो बंगाल प्रांत का पश्चिमी हिस्सा था और जहां हिंदू आबादी ज्यादा थी। यह हिस्सा भारत के साथ रहा और भारत का एक राज्य बना। बंगाल प्रांत का पूर्वी हिस्सा बना पूर्वी पाकिस्तान, जहां मुस्लिम बहुसंख्यक थे।
यहीं से पश्चिम बंगाल नाम आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आया। यहां पश्चिम शब्द अखंड बंगाल के संदर्भ में है, जो पुराने बंगाल का पश्चिमी आधा हिस्सा था।
1971 की क्रांति और वर्तमान स्थिति
1971 के युद्ध के बाद, पूर्वी पाकिस्तान आजाद होकर एक नया देश बना, जिसे आज हम बांग्लादेश के नाम से जानते हैं। इसके बावजूद, भारत के इस राज्य ने अपनी ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के लिए पश्चिम बंगाल नाम को जारी रखा। हालांकि, समय-समय पर राज्य का नाम बदलकर केवल बंगाल या बांग्ला करने की मांग उठती रही है, ताकि वर्णमाला में यह राज्य ऊपर आ सके और इसकी दिशा को लेकर होने वाला भ्रम भी दूर हो सके।
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