44 साल से खूब रुला रहा है Lata Mangeshkar का ये क्लासिक गीत, शादी में बजते ही खूब रोती है दुल्हन की मां
शादी का सीजन आने वाला है, ऐसे में लता मंगेशकर का 44 साल पुराना एक गीत जमकर ट्रेंड कर रहा ...और पढ़ें

शादी में खूब रुलाता है लता मंगेशकर का गाना/ फोटो- इंस्टाग्राम
HighLights
शादियों के सीजन से पहले ट्रेंड हुआ ये कल्ट गीत
लता मंगेशकर की आवाज में ये गीत सुन शादियों में रो देती है मां
44 साल से लड़कियों की विदाई के वक्त बजता है गीत
एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। करवाचौथ हो या शादी, लता मंगेशकर ने अपने 8 दशक के करियर में कई ऐसे हिट गाने दिए हैं, जो फेस्टिवल्स और इंपोर्टेंट फंक्शन का भी खास हिस्सा बन जाते हैं।
40 से 50 हजार के आसपास गाने गा चुकीं लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने 44 साल पहले एक ऐसा क्लासिक गीत गाया था, जो आपने शादी में बहुत बार सुना होगा। ये एक ऐसा गाना है, जिसके बजते ही 44 साल बाद भी दुल्हन की मां अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पाती है।
लाडली की विदाई के वक्त गीत सुनकर रोती है मां
शादी की सीजन आने वाला है, ऐसे में लता मंगेशकर(Lata Mangeshkar Songs) का 1982 में रिलीज हुआ एक गाना सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रेंड कर रहा है। वो गाना जिस पर परफॉर्म करके सहेलियां दुल्हन को छेड़ती हैं और लड़की की मां सुनकर रोती है, वह 44 साल पहले पद्मिनी कोल्हापुरे और ऋषि कपूर (Rishi Kapoor) पर फिल्माया गया था।
गाने के लिरिक्स थे 'ये गलियां ये चौबारा, यहां आना न दोबारा'। 1982 में रिलीज हुई प्रेम रोग के इस गाने को जहां लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज में गाया, तो वहीं इसका म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने दिया और लिरिक्स संतोष आनंद ने लिखे। शादी में बजने वाले इस गाने की पॉपुलैरिटी का अंदाजा आप इसके यूट्यूब व्यूज से लगा सकते हैं, जोकि 11 करोड़ से ज्यादा हैं। 44 साल पहले रिलीज हुई फिल्म प्रेम रोग बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई थी।

दर्द भरे गाने को सुनकर हंसते थे ऋषि कपूर
अक्सर गानों को शूट करते सितारे अपनी कई यादें बना लेते हैं। ये गलियां ये चौबारा (Yeh Galiyan Yeh Chaubara Song) गाने के दौरान भी ऋषि कपूर ने कुछ ऐसा किया, जिससे पद्मिनी कोल्हापुरे गाने में इमोशन ला ही नहीं पा रही थीं। दरअसल, विदाई पर बना, ये बेहद इमोशनल करने वाला गीत था और उसके अपोजिट ऋषि कपूर हंसमुख स्वभाव के थे। ऐसे में जैसे ही ये गाना बजता, तो पद्मिनी कोल्हापूरे रोने की कोशिश करती थीं, लेकिन अभिनेता उन्हें हंसा देते थे।
फिल्म रिलीज के 39 साल बाद जब ऋषि कपूर का निधन हुआ था, तो पद्मिनी कोल्हापुरे ने गाने के एक वर्जन में आवाज दी थी। हालांकि, गाने की शूटिंग के दौरान ऋषि कपूर को याद करके एक्ट्रेस काफी भावुक हो गई थीं।
