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Lata Mangeshkar का 35 साल पुराना वो गाना, जिसका राजस्थानी लोक संस्कृति से है नाता; सदियों से गा रहे हैं 'बंजारे'

Published: Fri, 18 Sep 2026 01:21 PM (IST)

लता मंगेशकर ने 35 साल पहले एक ऐसा आइकॉनिक गाना गाया था, जो राजस्थानी लोक संस्कृति से जुड़ा है। यह ...और पढ़ें

राजस्थान की लोक संस्कृति से जुड़े गाने को लता मंगेशकर ने बनाया आइकॉनिक/ फोटो- इंस्टाग्राम

राजस्थान की लोक संस्कृति से जुड़े गाने को लता मंगेशकर ने बनाया आइकॉनिक/ फोटो- इंस्टाग्राम

HighLights

  1. राजस्थानी लोक संस्कृति से जुड़ा है ये गाना

  2. 35 साल पहले लता मंगेशकर ने बनाया आइकॉनिक

  3. पति के विरह में सालों से गुनगुना रही हैं 'बंजारन महिलाएं'

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। लता मंगेशकर ने अपने 8 दशक के करियर में कई यादगार गाने श्रोताओं को दिए हैं। जिनमें रोमांटिक से लेकर सैड, भक्ति और देशभक्ति गाने शामिल हैं। 25 साल पहले सुर सम्राज्ञी ने एक ऐसा गाना गाया था, जो राजस्थान की लोक संस्कृति से जुड़ा हुआ है। इस गीत की धुन को राजस्थान के बंजारे सदियों से गुनगुना रहे हैं।

राजस्थान की सदियों पुरानी लोकधुन से जुड़ा है गीत

स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के गाए जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह साल 1991 में रिलीज हुई अनिल कपूर स्टारर फिल्म लम्हे का है। गाने के लिरिक्स हैं 'मोरनी बागा मा बोले आधी रात मा' (Morni Baga Ma Bole dance)। 35 साल पहले आए इस आइकॉनिक गाने को अक्सर आपने रोडवेज बसों, ऑटो और कई फंक्शन्स में बजते हुए देखा होगा, लेकिन यह शायद बहुत कम लोग जानते हैं कि ये सेलिब्रेशन सॉन्ग नहीं, बल्कि राजस्थान का एक पारंपरिक विरह सॉन्ग है।

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बंजारा समुदाय की महिलाएं पति के विरह में गाती थीं गीत

फेसबुक पेज बॉलीवुड वीडियो क्लिप्स के मुताबिक, 'मोरनी बागा में बोले' गाना राजस्थान के बंजारा समुदाय और वहां की लोक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। दरअसल, पुराने समय में जब आदमी रोजी रोटी कमाने के लिए घर से मीलों दूर जाता था, तब उनकी याद में महिलाएं विरह सॉन्ग के रुप में यही गाना गुनगुनाती थीं। गीत की खासियत इसकी मांड शैली है, जो राजस्थान का एक प्रसिद्ध राग और मारवाड़ी लोकगीत का एक प्रकार है।

श्रीदेवी (Sridevi)पर फिल्माए गए मोरनी बागा मां बोले आधी रात मा की शुरुआती मुखड़ा ईला अरुण ने गाया है और उसके बाद स्वरकोकिला लता मंगेशकर ने इस गाने को अपनी मधुर आवाज से अमर बना दिया। गाने के लिरिक्स आनंद बख्शी ने लिखे थे, जिसमें उन्होंने राजस्थानी लोकभावना को पूरी तरह बनाए रखा। इस लोकप्रिय गीत का संगीत शिव-हरि ने दिया थे।

Video Credit- Sridevi Classics HD

लम्हे के ये गाने भी हुए थे पॉपुलर

श्रीदेवी और अनिल कपूर स्टारर फिल्म की खासियत ये थी कि इसके एक या दो गाने नहीं, बल्कि अधिकतर गाने सुपरहिट हुए और सालों तक लोग उन्हें गुनगुनाते रहे। फिल्म के सभी गानों को हरिहरन, लता मंगेशकर, ईला अरुण, मोइनुद्दीन, सुरेश वाडेकर और पामेला चोपड़ा जैसे म्यूजिक इंडस्ट्री की दिग्गज हस्तियों ने गाए।

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