52 साल पुराना गाना जिसे गाकर किन्नर बच्चे के जन्म पर आज भी देते हैं बधाई, मोहम्मद रफी की आवाज में हुआ अमर
मोहम्मद रफी का 1974 की फिल्म 'कुंवारा बाप' का एक गाना आज भी बच्चे के जन्म पर किन्नरों द्वारा बधाई ...और पढ़ें
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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदुस्तान में सालों से ये परंपरा चली आ रही है कि जब भी किसी घर में बच्चे का जन्म होता है किन्नर बधाई देने पहुंच जाते हैं। ढोलक की थाप, तालियों की गूंज के बीच ठुमका लगाकर डांस करते हैं और नवजात बच्चे और उसकी मां को आशीर्वाद देते हैं।
आज आपको हिंदी सिनेमा के एक ऐसे ही गीत के बारे में बताएंगे जिसे किन्नर बधाई देने के लिए जरूर गाते हैं। ये गाना है साल 1974 में आई फिल्म 'कुंवारा बाप' (Kunwara Baap) का है जिसके बोल हैं 'सज रही गली मेरी मां' (Saj Rahi Gali Meri Maa) आझ भी प्रसिद्ध हैं। गाने को आवाज दी थी मोहम्मद रफी (Mohammad Rafi) ने और गीतकार थे मजरूह सुल्तानपुरी।
बच्चे के जन्म के समय गाते हैं गीत
ये गाना आज की किन्नरों की बधाई में सुनाई दे जाता है। फिल्म का संगीत राजेश रोशन ने तैयार किया था। इसमें महमूद, भारती, विनोद मेहरा, संजीव कुमार, विनोद खन्ना और धर्मेंद्र जैसे कलाकार नजर आए। गाने की खासियत सिर्फ इसकी धुन नहीं है। इसमें एक ऐसा उत्सव और अपनापन है, जो बच्चे के जन्म या किसी खुशी के मौके से आसानी से जुड़ जाता है।

कहा तो ये तक जाता है कि इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय स्टूडियो में किन्नर भी मौजूद थे। उन्होंने इस गाने को रफी के साथ गाया था।
गाने में छिपा था खास संदेश
इस गाने में महमूद ने अपनी अदाकारी से इसे और भी स्पेशल बना दिया था। उनका हाव-भाव और अंदाज हमेशा से ही निराला रहा है। इस फिल्म ने उस जमाने में चल रही एक गंभीर बीमारी के प्रति एक खास संदेश भी जारी किया था। इसमें पोलियो जैसी गंभीर बीमारी और उसके खिलाफ टीकाकरण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया था।
दरअसल महमूद के बेटे मैकी अली खुद पोलियो से पीड़ित थे। इसी व्यक्तिगत अनुभव ने महमूद को इस विषय पर फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। इस गाने को पहले किशोर कुमार को ऑफर किया गया था लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था। इस गाने ने उस समय इतिहास रच दिया था और ये बिनाका गीतमाला का नंबर वन गीत था।
