'मैं उसकी कमाई पर बैठी हूं...', हर्ष लिंबाचिया को ट्रोल करने वालों पर बरसी Bharti Singh; पहली बार खोली सच्चाई
भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया नए 'इंडियन गेम शो' चार साल बाद साथ में होस्ट कर रहे हैं। भारती ने ...और पढ़ें
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भारती सिंह ने निजी जिंदगी पर की बात / फोटो- Instagram
HighLights
भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया का नया 'इंडियन गेम शो'
भारती ने शो से पहले के डर और चुनौतियों पर बात की
हर्ष को ट्रोल करने वालों को बताई असली सच्चाई
दीपेश पांडे, मुंबई। शो खतरा खतरा खतरा तथा हम तुम और क्वारंटाइन के बाद कामेडियन भारती सिंह ने एक बार फिर अपने पति और लेखक हर्ष लिंबाचिया के साथ बतौर प्रोड्यूसर इंडियन गेम शो बनाया है। सोनी चैनल पर प्रसारित हो रहे इस शो में दोनों चार साल बाद एक-दूसरे के साथ मेजबानी भी कर रहे हैं। हर्ष के साथ पत्नी से ज्यादा एक अच्छे दोस्त का रिश्ता रखने वाली भारती से उनके शो, करियर तथा काम और मातृत्व की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन पर बातचीत की।
नए शो और उसमें दोहरी भूमिका को लेकर क्या उत्साह है?
इंडियन गेम शो ने हालत खराब कर रखी है, बहुत डर लग रहा है। इसमें बहुत मेहनत लगी है, रातों की नींद लगी है औऱ बहुत ज्यादा दिमाग लगे हुए हैं। वैसा ही डर लग रहा है, जैसा काजू (छोटे बेटे) के पैदा होते समय लग रहा था।
पिछले कई वर्षों से मेजबानी कर रही हैं। फिर इस डर का कारण क्या है? टीवी के बदलते समीकरण या कुछ और?
पता नहीं, कोई भी नया शो शुरू होने से पहले, हर बार डर लगा है। फिर वो चाहे लाफ्टर शेफ्स: अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट हो या डांस दीवाने... कोई भी हो। मुझे इस इंडस्ट्री में काम करते 18-19 साल हो गए हैं, लेकिन आज भी ऐसा लगता है कि मैं कुछ बोलूंगी और वो लोगों को सुनाई नहीं देगा। फिर स्टेज पर जाने के एक-डेढ़ मिनट बाद मेरे लिए परिस्थितियां बिल्कुल बदल जाती हैं। जब लोगों का प्यार और तालियां मिलती हैं तो मजा आ जाता है। तब मुझे लगता है कि मेरे अंदर ईंधन भर दिया गया है, अब गाड़ी भगाने में मजा आएगा।

इस डर का परिणाम हमेशा सकारात्मक रहा है या कहीं नकारात्मक भी हुआ है?
सच बोलूं तो मैं जब भी इस डर को भूलती हूं, मेरा परफार्मेंस अच्छा नहीं हुआ है। अगर कभी मैं बातों में लग गई, स्टेज पर जाने से पहले ध्यान नहीं दिया, तब चीजें खराब हुई हैं। जब मैंने स्टेज पर जाने के पहले अपने आपको एक-डेढ़ मिनट का समय दिया है, बहुत अच्छा हुआ है। मेरी मम्मी ने हमेशा कहा है कि स्टेज पर हमेशा डर के चढ़ना और फिर चढ़ के डरना नहीं। यह बात मैं हमेशा आजमाती हूं।
पति हर्ष के साथ काम करने का क्या कोई अतिरिक्त दबाव महसूस होता है?
हर्ष ने इस शो के लिए बहुत मेहनत की है। हम प्रोड्यूसर हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि हम घर बैठकर सिर्फ लोगों से पूछे कि क्या काम हो गया और क्या नहीं? जिस चीज में बहुत मेहनत की हो, उसके लिए और डर लगता है। हर्ष के साथ यह सब करने में बहुत मजा आ रहा है। मुझे तो हर्ष के साथ काम करते हुए बहुत गर्व होता है। पूरे सप्ताह सेट के पीछे क्या काम चलता है? किसने क्या कपड़ा पहना, किसके बाल कैसे बनेंगे? किसने क्या किया? सब वही देख रहा है। इसीलिए अगर कभी उसके साथ बहस भी करती हूं तो बाद में पछतावा होता है कि मैंने गलत किया यार। मैं कुछ नहीं कर रही हूं। फिर भी प्रोड्यूसर का टैग मुझे भी मिला हुआ है।

अक्सर यह देखा जाता है कि अगर पत्नी ज्यादा कमाई या प्रसिद्ध वाली हो तो लोग उसका मजाक उड़ाते हैं, हर्ष के साथ भी ऐसा देखा जाता है। आपकी क्या प्रतिक्रिया होती है?
फिलहाल तो मैं उसकी कमाई पर बैठी हूं। हमने कभी इस चीज पर ध्यान ही नहीं दिया। मैं पहले भी बोल चुकी हूं कि हम पति-पत्नी कम, उससे कहीं ज्यादा अच्छे दोस्त हैं। दोस्तों में तो कम ज्यादा कमाना या प्रसिद्धि वाली बात होती ही नहीं। रही बात मजाक की तो मैं भी कभी-कभी उससे मजाक में बोल देती हूं कि मैं तुम्हारी सीनियर हूं। जिसने इन चीजों को सकारात्मक तरीके से समझा वो बंदा कभी गुस्सा या नाराज नहीं हो सकता है। हम दोनों जब एक साथ मिलते हैं तो वो काम और अच्छा होता है।
बच्चे अभी छोटे हैं। काम और मातृत्व की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन कैसे बनाती हैं?
परिवार हर किसी की रीढ़ की हड्डी होती है। हमारी रीढ़ की हड्डी इतनी मजबूत है कि वो हमको झुकने नहीं देती है। वह कहते हैं कि आप काम करो, हम आपके पीछे हैं। जब हम साथ नहीं होते हैं तो नानी, दादी, मौसी पूरा परिवार बच्चों के पास होता है। हमको तो पता भी नहीं होता है और वहां बच्चों के साथ घर पर पार्टियां चल रही होती हैं। यह देखकर एक मां के तौर पर मुझे बहुत सुकून मिलता है कि मेरे बच्चे कितने सुरक्षित, सहज और हंसी-खुशी वाले माहौल में हैं। फिर मैं शेरनी बनकर समय और घर जाने की चिंता किए बगैर और अच्छे से परफार्म करती हूं।
