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    खिलाड़ियों को 'घर' जैसा एहसास देने के लिए अर्जेंटीना का स्‍पेशल डाइट प्‍लान, दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने की राह पर मेसी की टीम

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 09:03 PM (IST)

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना का सामना इंग्‍लैंड से होगा। ...और पढ़ें

    लियोनेल मेसी

    लियोनेल मेसी 

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    स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना का सामना इंग्‍लैंड से होगा। अमेरिका में मौजूद अर्जेंटीना टीम अपने खिलाड़ियों को घर जैसा माहौल देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

    टूर्नामेंट में अर्जेंटीना के सेमीफाइनल तक पहुंचने में लियोनेल मेसी के गोल मुख्य वजह रहे हैं। पर्दे के पीछे किए गए कुछ बदलावों ने भी अर्जेंटीना टीम को मुश्किल हालात में भी मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद की है।

    ट्रेनिंग में खाना बहुत जरूरी

    अर्जेंटीना की टीम ने वर्ल्ड कप के लिए कैनसस सिटी स्थित अपने बेस पर 500 किलोग्राम बीफ मंगवाया था। किसी एथलीट की ट्रेनिंग में खाना बहुत जरूरी होता है। गत चैंपियन अर्जेंटीना खिताब बचाने और इतिहास रचने के करीब है। अब तक 2 टीम इटली (1934, 1938), ब्राजील (1958, 1962) ही बैक टू बैक ट्रॉफी जीत पाई हैं।

    मीट-कट साथ लेकर आई टीम

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, अर्जेंटीना की टीम अपने देश से कई तरह के पारंपरिक मीट-कट साथ लेकर आई थी। जिनमें लोमो, वासियो, एंट्राना, माटाम्ब्रे, पेसेटो और असाडो डे टिरा शामिल हैं। अमेरिका में लाने से पहले कड़े सैनिटरी और कस्टम नियमों को पूरा करने के लिए इस शिपमेंट की कई महीनों तक प्लानिंग करनी पड़ी।

    सही न्यूट्रिशन बहुत जरूरी

    अर्जेंटीना के सपोर्ट स्टाफ के लिए खिलाड़ियों का सही डाइट बनाए रखना परफॉर्मेंस मैनेजमेंट के लिए बहुत जरूरी है। टीम का एक शहर से दूसरे शहर जाना और मैदान पर कड़े मुकाबले खेलना होता है, इसलिए दबाव को संभालने और कुछ ही दिनों के अंतर पर होने वाले मैचों के बीच तेजी से रिकवर करने के लिए सही न्यूट्रिशन बहुत जरूरी है।

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    बारबेक्यू सेशन का मजा लेते

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को अपने मैचों से पहले और बाद में बारबेक्यू सेशन (दावत, जहां मांस, पनीर, और सब्जियों को खुली आंच, गर्म कोयले या गैस ग्रिल पर पकाया और धुएं से सुगंधित किया जाता है।)का मजा लेते हुए देखा जा सकता है। इससे कैंप में तनाव-मुक्त माहौल बना रहता है। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले भी नजारा कुछ ऐसा ही था।

    नॉर्वे ने किया था ऐसा

    इससे पहले नॉर्वे ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 के लिए अमेरिका पहुंचने पर ऐसा ही तरीका अपनाया था। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्वे टीम खिलाड़ियों को घर जैसा स्वाद देने के लिए अपने साथ कई चीजें लेकर आई थी। खास बात यह है कि टीम टूर्नामेंट के लिए नॉर्वे से कुल 580 किलोग्राम फूड लेकर आई थी। इसमें 300 किलोग्राम नॉर्वेजियन सैल्मन और ट्राउट मछली, 100 किलोग्राम हैलिबट मछली, 80 किलोग्राम नॉर्वेजियन ब्राउन चीज (ब्रूनोस्ट) और 100 किलोग्राम जार्ल्सबर्ग चीज शामिल थी।

    स्वाद की आदत होती है

    टीम के हेड शेफ एरॉन एस्पेलैंड ने कहा, "जब एथलीट हाई लेवल पर मुकाबला कर रहे होते हैं, तो एक जैसा प्रदर्शन बनाए रखना जरूरी होता है। खिलाड़ियों को कुछ खास तरह के प्रोडक्ट्स और स्वाद की आदत होती है। मुश्किल मुकाबले के दौरान जानी-पहचानी चीजें खाने से उन्हें पोषण और अच्छी सेहत दोनों में मदद मिल सकती है।"

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