फुटबॉल का 'GOAT' कौन? मेसी के जादू, माराडोना के करिश्मे और पेले की विरासत के बीच सबसे बड़ी जंग
फीफा विश्व कप 2026 अपने समापन की ओर बढ़ गया है। रविवार को होने वाले फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। इस निर्णायक मुकाबले में लियोनेल मेस ...और पढ़ें

लियोनेल मेसी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। फीफा विश्व कप 2026 अपने समापन की ओर बढ़ गया है। रविवार को होने वाले फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। इस निर्णायक मुकाबले में लियोनेल मेसी की नजर खिताब का बचाव करने पर होगी।
इस बीच फैंस के मन में सवाल भी उठने लगा है कि क्या मेसी को सबसे महान फुटबॉलर माना जा सकता है? क्या उन्होंने अपने ही देश के डिएगो माराडोना और ब्राजील के पेले को पीछे छोड़ दिया है?
सेमीफाइनल में पलटी बाजी
39 साल के मेसी इस विश्व कप में कमाल की फॉर्म में हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हारी हुई बाजी पलट दी और 2 गोल करने में मदद की। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत ही अर्जेंटीना फाइनल का टिकट कटा पाई। उनकी दूरदृष्टि और फैसले लेने की क्षमता टीम के लिए वरदान है।
फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल
- पेले: 12
- डिएगो माराडोना: 8
- लियोनेल मेसी: 21
मेसी की कप्तानी में जीता विश्व कप
मेसी के समर्थकों का तर्क रहता है कि उनका करियर लंबा रहा। साथ ही उन्होंने हाई लेवल परफॉर्मेंस दी। मेसी ने अलग-अलग कंडीशन में सफलता हासिल की। अन्य महान प्लेयर्स का करियर अपेक्षाकृत उतना लंबा नहीं रहा।
मेसी दो दशक से राज करते आ रहे हैं। उन्होंने 8 बैलन डी'ओर अवॉर्ड जीते हैं। इतना ही नहीं अर्जेंटीना के स्टार ने स्पेन और फ्रांस में लीग का खिताब जीता। वह 4 बार चैंपियंस लीग चैंपियन बने। इसके अलावा कोपा अमेरिका और 2022 का कतर वर्ल्ड कप भी जीता।
फीफा विश्व कप में सर्वाधिक गोल
- लियोनेल मेसी (अर्जेंटीना): 21 गोल, 31 मैच
- किलियन एमबाप्पे: 20 गोल, 21 मैच
- मिरोस्लाव क्लोज (जर्मनी): 16 गोल, 24 मैच
- रोनाल्डो (ब्राजील): 15 गोल, 19 मैच
- गर्ड मुलर (जर्मनी): 14 गोल, 13 मैच
पश्चिम जर्मनी को मात दी
अर्जेंटीना में मेसी की तुलना पेले या दूसरे वैश्विक सितारों से कम और डिएगो माराडोना से अधिक होती है। माराडोना ने 1986 में अर्जेंटीना को विश्व कप चैंपियन बनाया था। फाइनल में अर्जेंटीना ने पश्चिम जर्मनी को मात दी थी।
बचपन में गरीबी का सामना करने वाले माराडोना का 2020 में निधन हुआ। माराडोना सत्ता को चुनौती दे दिया करते थे। वह पॉलिटिक्स में भाग लेते थे। दूसरी ओर मेसी शांत स्वभाव के हैं। वह राजनीति से पूरी तरह दूर हैं और फुटबॉल पर फोकस करते हैं।
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28 साल का सूखा खत्म किया
2021 में अर्जेंटीना ने किसी बड़े इंटरनेशनल खिताब के लिए 28 साल का सूखा खत्म किया। अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका का खिताब जीता। इसके बाद मेसी के प्रति लोगों का नजरिया बदलना शुरू हुआ। इसके बाद फीफा विश्व कप 2022 के फाइनल में अर्जेंटीना ने बेहद ही रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को शिकस्त दी। इससे मेसी के सम्मान में इजाफा हुआ। इस जीत ने मेसी और माराडोना के बीच की भावनात्मक दूरी को कम किया।
फुटबॉल किंग हैं पेले
कुछ एनालिस्ट का मानना है कि मेसी ने माराडोना ही नहीं ब्राजील के दिग्गज पेले को भी पीछे छोड़ दिया। पेले को अक्सर 'फुटबॉल किंग' कहा जाता है। पेले इकलौते ऐसे प्लेयर हैं जिन्होंने 3 विश्व कप (1958, 1962, 1970) जीते।
अलग-अलग दौर में खेले
पेले, माराडोना और मेसी की तुलना की अगर बात करें तीनों ही दिग्गज अलग-अलग दौर में खेले। 1958 में जब पेले ने वर्ल्ड कप जीता था तो तकनीक का अभाव था। माराडोना के समय तक यह खेल पूरी दुनिया का आकर्षण बन चुका था और अब यह अरबों डॉलर का उद्योग बन गया है। मेसी के समय में एडवांस मेडिकल सपोर्ट है। ऐसे में 3 पीढ़ियों के प्लेयर्स की तुलना करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
पेले ने इस खेल को वैश्विक बनाने में मदद की। माराडोना के समय अर्जेंटीना उथल-पुथल भरे दौर में था। मेसी ने अपनी विरासत ऐसे दौर में बनाई, जब स्पोर्ट्स साइंट और मीडिया की मौजूदगी का गहरा असर रहा। ऐसे में इस बहस का अंत होना मुश्किल नजर आता है।