स्पेन के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल हारते ही लियोनेल मेसी ने बना लिया था संन्यास का मन
अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने राष्ट्रीय टीम से संन्यास की घोषणा की, यह फैसला 2026 फीफा विश्व कप ...और पढ़ें

लियोनेल मेसी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी का जादुई सफर अब समाप्त हो गया है। वे अर्जेंटीना की जर्सी में अब खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे। मेसी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए अपने संन्यास का एलान किया। वे रिटायरमेंट लेते हुए भावुक दिखे। उन्होंने सोमवार, 31 अगस्त को रिटायरमेंट का एलान किया लेकिन इससे पहले ही वो संन्यास लेने का फैसला कर चुके थे।
मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना ने कतर में खेले गए 2022 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने 2026 वर्ल्ड कप में भी टीम का प्रतिनिधित्व किया और फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि, उनका करियर अच्छी यादों के साथ समाप्त नहीं हो सका क्योंकि फाइनल में स्पेन के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। उस फाइनल के दो दिन बाद ही महान फुटबॉल ने संन्यास का मन बना लिया था।
लियोनेल मेसी का भावुक पोस्ट
मेसी संन्यास लेते हुए काफी भावुक दिखे। उन्होंने लिखा, "फाइनल मैच के इतने समय बाद और काफी सोचने-विचारने के बाद मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैंने नेशनल टीम के लिए खेलना छोड़ने का फैसला किया है। यह एक दुखद फैसला था और मुझे अभी भी अंदर से बहुत दुख हो रहा है, लेकिन मुझे एहसास है कि अब सही समय आ गया है।"
मेसी ने आगे लिखा, "मैं कसम खाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया है, न सिर्फ हाल के उन सालों में जब हमने सब कुछ हासिल किया, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ झोंक दिया, ताकि आपको खुश कर सकूं और फुटबाल के जरिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।"
मेसी ने पहले ही कर लिया था फैसला
मेसी ने संन्यास वाले पोस्ट के अंत में बताया है कि उन्होंने पहले ही संन्यास का फैसला कर लिया था। उन्होंने हाथ से लिखे नोट्स की तस्वीरें शेयर की। उन्होंने लिखा, "मैंने ये शब्द 21 जुलाई को लिखे थे, फाइनल के दो दिन बाद। आज, मेरे पापा के साथ जो हुआ, उसके बाद मैं पहले से भी ज्यादा यकीन से भर गया हूं।"
मेरे पास देने के लिए कुछ नहीं बचा: मेसी
अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी ने लिखा, "अब ज्यादा कुछ नहीं बचा है और अपने सफर के आखिरी पड़ाव पर पहुंच रहे हैं। यह उनमें से एक ऐसा पड़ाव है जो मुझे बहुत दुखी कर रहा है। मुझे नेशनल टीम के साथ रहना पसंद है, हमेशा पसंद रहा है और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया है और अब मेरे पास देने के लिए और कुछ नहीं बचा है, खासकर तब जब शानदार युवा खिलाड़ियों का एक ग्रुप है जो मौका पाने के हकदार हैं।"
