लियोनेल मेसी अनजान से बने अर्जेंटीना की 'जान', संन्यास से वापसी के बाद टीम को बनाया विश्व विजेता
लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना की नीली और सफेद जर्सी में अब नहीं दिखने की घोषणा की है, जो 21 साल के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत है।

लियोनेल मेसी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। लियोन मेसी अब अर्जेंटीना की मशहूर नीली और सफेद धारियों वाली जर्सी में नहीं दिखेंगे। उन्होंने सोमवार को इंटरनेट मीडिया इंस्टाग्राम पर इस बात की जानकारी देते हुए लिखा कि अब वह अपनी राष्ट्रीय टीम से अलग हो रहे हैं। अगस्त 2005 में हंगरी के विरुद्ध मित्रतापूर्ण मैच से अर्जेंटीना की सीनियर पुरुष फुटबॉल टीम के लिए पदार्पण करने वाले मेसी ने 21 सालों तक इस टीम के आक्रमण की बागडोर संभाली थी।
साल 2014 में लगातार तीसरा मेजर फाइनल (2014 फीफा विश्व कप, 2015 और 2016 कोपा अमेरिका) हारने के बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कहा था लेकिन देशव्यापी मुहिम, राष्ट्रपति और टीम के नए हेड कोच द्वारा काफी मनाए जाने के बाद मेसी ने 44 दिन उपरांत राष्ट्रीय टीम में वापस आने की घोषणा की थी।
लियोनेल मेसी ने संन्यास के बाद की थी वापसी
मेसी ने अपनी वापसी पर कहा था कि अर्जेंटीना से उनका प्रेम सर्वोच्च है और वह देश की फुटबॉल से जुड़ी समस्याओं का निदान टीम में रहकर करना चाहते हैं इसीलिए वापसी कर रहे हैं। मेसी के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर का ज्यादातर हिस्सा निराशा और तकलीफों से भरा रहा। युवा स्तर पर फीफा यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2005 और ओलंपिक खेल 2008 का स्वर्ण पदक जीतने वाले मेसी को राष्ट्रीय टीम के साथ पहला खिताब साल 2021 में मिला जब उन्होंने कोपा अमेरिका अपने नाम किया। यह बीते 28 सालों में अर्जेंटीना का पहला बड़ा खिताब था।
मेसी ने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहते हुए साल 2022 का फीफा विश्व कप भी जीता और इसी साल कोपा अमेरिका और यूरो विजेता के बीच होने वाले फिनालिस्सिमा का खिताब भी अपने नाम किया। साल 2014 फीफा विश्व कप फाइनल और फिर 2018 फीफा विश्व कप अंतिम-16 में हारने वाली अर्जेंटीना के लिए बीते दो विश्व कप में मेसी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। उन्होंने 2024 में कोपा अमेरिका खिताब का सफलतापूर्वक बचाव भी किया था।
ह्रदय हमेशा से अर्जेंटीना के साथ था
मेसी 24 जून 1987 को मशहूर वामपंथी क्रांतिकारी चे ग्वेरा के शहर रोजारियो में एक फैक्ट्री कर्मचारी जॉर्ज मेसी के घर जन्मे लियोन मेसी की पारिवारिक जड़ें इटली से जुड़ी हैं। उनके पिता इटली के पूर्वज इटली और स्पेन से थे तो उनकी माता इटैलियन मूल की। मेसी चाहते तो इटली के लिए भी खेल सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसी हर परीक्षा में अपनी जन्मभूमि, अर्जेंटीना को चुना।
13 साल की उम्र में ही क्लब स्तरीय फुटबॉल खेलने स्पेन आ गए मेसी को अपने देश की टीम में शामिल करने के लिए स्पेन ने बहुत कोशिशें की लेकिन मेसी का ह्रदय हमेशा से अर्जेंटीना के साथ था। उन्होंने अर्जेंटीना के पूर्व गोलकीपर नाहुएल गुजमन के साथ एक हालिया बातचीत में इस पूरे मामले को समझाते हुए कहा था- उन्होंने बहुत कोशिशें कीं लेकिन मेरा ह्रदय हमेशा से अर्जेंटीना के साथ था।
मेसी से अनजान थी अर्जेंटीना
साल 2000 में पहली बार बार्सिलोना फुटबॉल क्लब में ट्रायल देने वाले लियोन मेसी फरवरी 2001 में सपरिवार यहीं शिफ्ट हो चुके थे और यहां की फुटबॉल में बहुत तेजी से अपना नाम बना रहे थे लेकिन अर्जेंटीना को उनके बारे में कोई खबर नहीं थी। साल 2003 ने अंडर-20 विश्व कप की अर्जेंटीनी टीम में मेसी का नाम ना देख स्पेन वाले चौंके और साथ ही खुश भी हो गए, उन्हें लगा कि अब वो धीरे से मेसी को अपनी टीम में शामिल कर लेंगे लेकिन उनके टेक्निकल स्टाफ का एक अतिउत्साहित व्यक्ति से चूक हो गई।
ओमार सोतो ने किया था हैरान करने वाला खुलासा
सालों तक अर्जेंटीना फुटबॉल से जुड़े रहे ओमार सोतो ने टीवाइसी से एक बातचीत के दौरान इस बारे में कहा था, अंडर-20 विश्व कप में हम स्पेन की टीम के साथ एक ही होटल में थे। उनके टेक्निकल स्टाफ का एक व्यक्ति हमारे पास आया और बोला कि अरे, तुम लोग बार्सिलोना वाले उस लड़के को क्यों नहीं लाए? वो तुम्हारी पूरी टीम से बेहतर है। बाद में जब हम घर वापस लौटे तो अर्जेंटीना फुटबॉल असोसिएशन के यूगो तोकाल्ली ने मुझसे इस लड़के को खोजने के लिए कहा।
मैं भागता हुआ एक काल सेंटर गया और रोजारियो शहर में रहने वाले हर मेसी का नाम फोन डायरेक्टरी में खोज-खोजकर फोन घुमाने लगा। अंततः मुझे मेसी की दादी का नंबर मिल गया जिन्होंने मुझे उनके चाचा का नंबर दिया, चाचा से मेसी के पापा का नंबर मिला और उन्हें फोन करते ही मुझसे भारी गलती हो गई।
मैंने कहा- अर्जेंटीना लियोनार्डो को मौका देना चाहता है... दरअसल लोग मेसी को लियो बुलाते थे और मुझे लगा कि लियो का पूरा नाम तो लियोनार्डो ही होगा। हालांकि मेसी के पिता ने बिना गुस्सा हुए कहा- उसका नाम लियोनल है और वह आप लोगों के फोन का ही इंतजार कर रहा है। मेरा बेटा अर्जेंटीना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए खेलना चाहता है।
