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    'मैं फाइनल देखने नहीं जाऊंगा', अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने ठुकराया डोनल्ड ट्रंप का न्योता; वजह है दिलचस्प

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 05:57 PM (IST)

    अर्जेंटीना के फुटबॉल कल्चर में अंधविश्वास अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली को रविवार (शनिवार की देर रात) को होने वाले फीफी वर्ल्ड कप फाइनल में शा ...और पढ़ें

    लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली

    लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अर्जेंटीना के फुटबॉल कल्चर में 'अंधविश्वास' (स्थानीय भाषा में 'काबाला' कहा जाता है) है। जीत के सिलसिले के दौरान फैंस अक्सर एक ही तरह की आदतें दोहराते हैं। जैसे एक ही तरह के कपड़े पहनना, एक ही जगह पर बैठना, जर्सी न धोना या मैच के दौरान अपनी जगह से न हिलना।

    यहां तक कि ये अंधविश्वास अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली को भी न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में रविवार को होने वाले फीफी वर्ल्ड कप फाइनल में शामिल होने से रोक रहा है। फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्‍पेन से होगा। अर्जेंटीना के कप्‍तान लियोनेल मेसी की नजर खिताब का बचाव करने पर है।

    ऐसा नहीं हो सकता

    गुरुवार को ब्यूनस आयर्स के एक स्थानीय रेडियो स्टेशन से बात करते हुए 55 साल के माइली ने कहा कि ऐसा "बिल्कुल नहीं" हो सकता कि वह फाइनल के दौरान अपने राष्ट्रपति आवास 'ओलिवोस' को छोड़कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और फीफा प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो के साथ बैठें।

    राष्ट्रपति आवास से देखता मैच

    उन्होंने कहा, "मैं ओलिवोस से ही सारे मैच देखता रहूंगा।" यह फैसला उनकी अंधविश्वास वाली सोच पर आधारित है। माइली ने स्विट्जरलैंड के खिलाफ लियोनेल मेसी और उनकी टीम के क्वार्टर-फाइनल मैच के दौरान इसे आजमाकर देखा भी था।

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    उन्होंने आगे कहा, "चूंकि ठंड होती है और मैं हीटर नहीं चलाता, इसलिए मैं एक जैकेट पहनता हूं। स्विट्जरलैंड वाले मैच के दिन मुझे बहुत गर्मी लगने लगी। मैंने जैकेट उतार दी और उन्होंने हमारे खिलाफ गोल कर दिया। मैंने उसे वापस पहन लिया और फिर नहीं उतारा।"

    1990 से चल रहा सिलसिला

    अर्जेंटीना के राष्ट्रपति लंबे समय से वर्ल्ड कप के अहम मैचों में जाने से बचते रहे हैं, ताकि उनकी टीम पर कोई बुरी किस्मत न आए। यह अंधविश्वास 1990 के टूर्नामेंट से चला आ रहा है। तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस मेनेम अर्जेंटीना की टीम से मिलने गए थे और उसके ठीक बाद टीम को कैमरून से चौंकाने वाली शुरुआती हार का सामना करना पड़ा था। तब से अर्जेंटीना के किसी भी मौजूदा राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय टीम का कोई मैच नहीं देखा है।

    इतिहास रचने पर नजर

    अर्जेंटीना की टीम अब इतिहास रचने की दहलीज पर है और बैक टू बैक खिताब जीतने वाली तीसरी टीम बन सकती है। पिछला फीफा विश्‍व कप भी मेसी की कप्‍तानी वाली अर्जेंटीना ने जीता था। मौजूदा विश्‍व कप के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्‍लैंड को हराकर फाइनल का टिकट कटाया था।

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