अंबाला में मिट्टी के पैसे को लेकर खूनी खेल, पोते ने की दादी की हत्या; भाई व चाचा-चाची पर भी दागी गोलियां
अंबाला के बिचपड़ी गांव में मिट्टी बेचने के पैसों को लेकर हुए पारिवारिक विवाद में 22 वर्षीय अभिषेक ने अपने परिवार पर गोली चला दी। इस घटना में 95 वर्षीय ...और पढ़ें
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अंबाला में मिट्टी के पैसे को लेकर खूनी खेल। सांकेतिक फोटो
HighLights
मिट्टी बेचने के पैसों पर परिवार में विवाद।
पोते अभिषेक ने की अंधाधुंध फायरिंग।
दादी की मौत, तीन अन्य गंभीर घायल।
संवाद सहयोगी, शहजादपुर (अंबाला)। गांव बिचपड़ी में शनिवार शाम खेतों की मिट्टी बेचने के पैसों को लेकर ऐसा खूनी विवाद हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। परिवार के अंदर शुरू हुआ रुपयों का झगड़ा कुछ ही मिनटों में गोलियों की तड़तड़ाहट में बदल गया।
22 वर्षीय युवक अभिषेक ने अपने ही परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली लगने से उसकी 95 वर्षीय दादी ईश्वरो देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ा भाई संदीप, चाचा महेंद्र और चाची सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया है। वारदात को अंजाम देकर आरोपित मौके से फरार हो गया।
खुद रखना चाहता था पूरा पैसा
वारदात शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे गांव बिचपड़ी में हुई। बताया जा रहा है कि परिवार की करीब दो किल्ले जमीन की मिट्टी बेचने का ठेका हुआ था। इसी मिट्टी के पैसों को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
आरोप है कि अभिषेक मिट्टी के पूरे रुपये खुद लेना चाहता था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य इसका विरोध कर रहे थे। इसी रंजिश ने शनिवार को खूनी रूप ले लिया। इसी दौरान अभिषेक और परिवार के बीच फिर कहासुनी शुरू हो गई।
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देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अभिषेक ने हथियार निकाल लिया और अपने ही घरवालों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। फायरिंग में 95 वर्षीय दादी ईश्वरो देवी गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ीं। इसके अलावा बड़ा भाई संदीप, चाचा महेंद्र और चाची सुनीता भी गोलियां लगने से लहूलुहान हो गए।
गोलियों की आवाज से दशहत
गोलियों की आवाज सुनकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, जबकि आरोपित वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को उपचार के लिए शहजादपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
वहां चिकित्सकों ने ईश्वरो देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत को देखते हुए महेंद्र, उसकी पत्नी सुनीता और संदीप को प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ पीजीआइ रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
महेंद्र और सुनीता की नहीं थी कोई संतान
बताया जा रहा है कि महेंद्र और उसकी पत्नी सुनीता की कोई संतान नहीं है। 95 वर्षीय ईश्वरो देवी अपने बेटे महेंद्र और बहू सुनीता के साथ रहती थीं। वहीं आरोपित अभिषेक अपने भाई संदीप और माता-पिता के साथ अलग मकान में रहता था। परिवार की एक विवाहित बहन भी है।
डीएसपी सूरज चावला मौके पर पहुंचे
सूचना मिलते ही हरियाणा पुलिस के शहजादपुर थाना प्रभारी लखबीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को कब्जे में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी नारायणगढ़ सूरज चावला भी रात करीब सवा नौ बजे गांव पहुंचे।
पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। वारदात की जांच के लिए फोरेंसिक टीम और सीन आफ क्राइम यूनिट को भी बुलाया गया। पुलिस टीम देर रात तक गांव में जांच और पूछताछ में जुटी रही। घटनास्थल से खून के निशान और अन्य सबूत एकत्र किए गए।
पुलिस ने आरोपित की तलाश में आसपास के इलाकों में दबिश शुरू कर दी है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि मामूली आर्थिक विवाद ने एक परिवार को बर्बाद कर दिया।
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