फरीदाबाद: सूरजवैली में जलभराव से 100 परिवार 10 दिन से बंधक, कंधों पर स्कूल जा रहे बच्चे; घर छोड़ने को मजबूर लोग
फरीदाबाद के सूरजवैली में 10 दिनों से जलभराव के कारण 100 परिवार बंधक बने हुए हैं, जिससे बच्चों को कंधों पर स्कूल जाना पड़ रहा है और लोग घर छोड़कर किराए पर रहने को मजबूर हैं।
HighLights
सूरजवैली में 10 दिनों से भीषण जलभराव, 100 परिवार प्रभावित।
बच्चे कंधों पर स्कूल जा रहे, लोग घर छोड़ रहे।
सड़े पानी से बीमारियों का खतरा, नेताओं पर आक्रोश।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। दिल्ली से केवल कुछ ही कदमों की दूरी पर बसे हुए सूरजवैली में रहने वाले 100 परिवार जलभराव के दलदल में पूरी तरह से बंधक बन गए है।
10 दिन पहले आई वर्षा ने लोगों के लिए परेशानी का पहाड़ खड़ा कर दिया है। तिगांव विधानसभा क्षेत्र में आने वाले शिवदुर्गा विहार के इस एरिया में लोग अपने बच्चों को कंधे पर स्कूल छोड़ कर रहे है।
पानी पूरी तरह सड़कर हुआ हरा
पानी पूरी तरह से सड़कर हरा हो चुके हैं। पुरुष और युवा को जलभराव को पार कर रहे हैं। लेकिन महिलाओं और बुजुर्गाें के लिए जलभराव को पार करना मुश्किल है। इसलिए उन्होंने अपने लिए अस्थाई पुल बना दिए है।

लोगों का कहना है कि यहां पर 400 वोट है। पार्षद और विधायक वोट मांगने के लिए तो आते हैं। लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान कोई नहीं देता है।
जलभराव को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि इस बार कोई कोई वोट मांगने आया तो उसको सबक सिखा देंगे।
परेशान लोग सोशल मीडिया पर शिव दुर्गा विहार पेज बनाकर भी अपनी परेशानियों को अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। दैनिक जागरण के संवाददाता दीपक पांडेय और छायाकार संजय शर्मा ने मौके पर जाकर पूरी स्थिति को देखा और लोगों से बात की।
हर साल मोटर से निकाला जाता था पानी
शिवदुर्गा में स्थित सूरजवैली का एरिया काफी निचाई पर है। ऐसे में यहां पर पहाड़ और ऊपरी इलाके से वर्षा के दौरान काफी पानी आता है। लोगों का कहना है कि हर साल वर्षा के बाद पानी मोटर से निकाला जाता था।
पानी दो से तीन दिन के भीतर निकल जाता था। लेकिन पिछले साल मोटर खराब हो गई। जिसके बाद ठीक नहीं कराई गई।
संबंधित अधिकारी को जब मोटर के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि खुद ही रुपये लगाकर ठीक करा लो। इस साल वर्षा पानी निकासी को लेकर कोई प्रयास नहीं किया गया। जिसकी वजह से पानी सड़ गया है।

लोग अपने मकान खाली करके किराए पर रहने लगे
जलभराव की वजह से कुछ लोगों ने अपने मकान खाली करके किराए पर रहना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि पानी सड़ चुका है। जिसकी वजह से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारी फैल सकती है।
अभी सितंबर तक वर्षा का दौर रहता है। ऐसे में वह अपने बच्चाें की जिंदगी को खतरे में नहीं डाल सकते हैं। पहले भी यहां पर कई लोग बीमार हो चुके हैं।
क्या बोले लोग
हमसे नगर निगम हर साल पानी का बिल लेता है। लेकिन जलभराव से बचाने के लिए एक भी अधिकारी यहां पर झांकने तक नहीं आया।
-माया
मच्छरों के कारण रहना मुश्किल हो गया है। पानी पूरी तरह से सड़ चुका है। बुजुर्ग महिलाएं इस पानी में कई बार गिर चुका है।
-सुमन
बच्चाें को कंधों पर स्कूल छोेड़ना पड़ता है। क्योंकि इस पानी में बच्चों का चलना मुश्किल है। बच्चे भी घर से बाहर नहीं निकल पाते हैं।
-सुमित्रा
हर बार चुनाव में पार्षद, विधायक और सांसद तक हाथ जोड़कर वाेट मांगने के लिए आ जाते हैं। लेकिन सुविधाओं के नाम पर उनका कुछ नहीं दिया जा रहा है।
-मीनाक्षी
सूरजवैली में फैली समस्याओं को देखकर कोई नहीं बता सकता है कि यह मंत्री का एरिया है। यहां पर समस्याओं की भरमार है।
-सुलेखा
हमारे साथ रहने वाले कई पड़ोसियों ने अब ऊपर हिस्से में किराए पर मकान ले लिया है। क्योंकि पानी सड़ने की वजह से लोग बीमार होने लगे थे। कई बच्चे बीमार हो गए थे।
-लक्ष्मी देवी
वर्षा को 10 दिन बीत चुके हैं। यह दिल्ली से सटा हुआ एरिया है। लेकिन यहां पर सुविधा के नाम पर बिल्कुल जीरों व्यवस्था है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल है।
-प्रियादेवी
मकान लेकर नरक में फंस गए है। पास में अधिक जमापूंजी नहीं थी। इसलिए मजबूरी में मकान लेना पड़ा। रिश्तेदार भी हमारे यहां पर आने से कतराते हैं।
-सरस्वती
पार्षद बोले गड्ढे में हैं जगह, फिर भी करवाएंगे
सूरजवैली बिल्कुल गड्ढे में है। वहां पर पानी काफी जमा हुआ है। उसके आसपास के क्षेत्र में भी पानी भरा हुआ था। पहले वहां पर पानी निकाला गया है। सूरजवैली का पानी जिस जगह पर डाला जाना है। पहले उस जगह को व्यवस्थित करना पड़ेगा। पिछले साल मोटर लगवाई गई थी। जो खराब हो गई थी। उसको 30 हजार रुपये लगाकर मैने ही सही करवाया था। अब जल्द ही पानी निकालने का काम शुरू किया जाएगा।
-हरेंद्र भड़ाना, पार्षद
सूरजवैली में हुए जलभराव को निकालने के लिए मोटर लगाई जाएगी। इस बारे में नगर निगम अधिकारियों से बात की जाएगी। समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।
- राजेश नागर, खाद्य आपूर्ति मंत्री, हरियाणा
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