सूरजकुंड झूला हादसे में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने दिया बलिदान, भतीजा था उसी झूले पर सवार
फरीदाबाद के सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में झूला हादसे के दौरान इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का बचाव कार्य करते हुए बलिदान हो गया। उनके भतीजे प्रशांत ने बताया ...और पढ़ें
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सूरजकुंड मेले में बिलदान इंस्पेक्टर का बेटा झूले में था सवार।
सुशील भाटिया, फरीदाबाद। सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में शनिवार शाम को मनोरंजन पार्क में हुए झूला हादसे में बचाव कार्य के दौरान जिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद का ड्यूटी निभाते हुए बलिदान हुआ, उससे ठीक पहले इसी हैमर झूले में उनके अपने सगे भतीजे प्रशांत इसमें सवार थे।
जगदीश प्रसाद ने पूरी नौकरी ईमानदार व कर्तव्य भाव से की। उनकी कर्तव्य निष्ठा को देखते हुए ही राष्ट्रपति पदक व राज्यपाल पदक से नवाजा जा चुका है। जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने की कार्यवाही के लिए दिवंगत जगदीश प्रसाद के भाई, बेटे, भतीजे व परिवार के अन्य सदस्य आए हुए थे।
वहीं पर दैनिक जागरण से बातचीत में गमगीन भतीजे प्रशांत ने बताया कि एक तरह से यह हादसा उनकी आंखों के सामने ही हुआ।हादसे से ठीक पहले उन्होंने झूले की सवारी की थी। झूले से नीचे उतर कर वह पास में थे। उनके चाचा जगदीश की ड्यूटी वहीं पर लगी थी। जब झूला टूटा तो जगदीश चाचा सबसे पहले बचाव कार्य में जुटे। झूले के नीचे दब लोगों को निकालने लगे।
कुछ लोगों को निकाल भी लिया था, उनके प्रयास जारी थे, तभी टूटा झूला उनकी तरफ ज्यादा झुक गया और उनकी गर्दन फंस गई। उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, पर होनी को कुछ और ही मंजूर थे। इंस्पेक्टर के बेटे गौरव ने बताया कि मेला शुरू होने से पहले ही परिवार से अंतिम बार मिले थे। यही कहा था कि अब मेला ठीक से निपटने के बाद ही मुलाकात होगी, पर वह मुलाकात अंतिम साबित हुई।
बलिदानी इंस्पेक्टर के परिवार में माता-पिता के अलावा तीन छोटे भाई, पत्नी सुधा, बेटा और दो बेटियां व पोती हैं। एक बेटी की अभी नवंबर में शादी की थी। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के आग्रह पर देर रात को दिवंगत इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी थी। उनका अंतिम संस्कार मथुरा में किया जाएगा।
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