गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, चार इमारतें सील
डीएलएफ फेज-तीन में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने अवैध निर्माण और अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई की। डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में टीम ने कई इमारतों को सील किया, अवैध पीजी हटाए और स्टिल्ट पार्किंग में हुए निर्माण को ध्वस्त किया।
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अमित मधोलिया।
HighLights
डीएलएफ फेज-तीन में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई।
डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में कई इमारतों को सील किया गया।
अवैध पीजी, गेस्ट हाउस और स्टिल्ट पार्किंग निर्माण ध्वस्त किए गए।
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से डीएलएफ फेज-तीन में अवैध निर्माण और अनाधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध मंगलवार को कार्रवाई की गई। डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में टीम ने कई स्थानों पर तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई की।
इस दौरान स्टिल्ट पार्किंग में किए गए अवैध निर्माण को हटाया गया, अवैध पीजी और गेस्ट हाउस को सील किया गया तथा करीब 1.5 किलोमीटर रोड आफ राइट (आरओडब्ल्यू) से अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान डीएलएफ फेज तीन के निगम पार्षद सुंदर सिंह की इमारत में चल रहे पीजी को भी सील कर दिया।
स्टिल्ट एरिया में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया
टीम ने डब्ल्यू-12/9 में करीब 1000 वर्ग गज के प्लॉट पर बने स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन में स्टिल्ट एरिया में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। करीब 500 वर्ग मीटर स्टिल्ट क्षेत्र में प्रोजेक्टर रूम, बार रूम, बेडरूम, ड्राइंग रूम, लिफ्ट लाबी और अतिरिक्त टायलेट बनाए गए थे। इनमें चार टायलेट भी शामिल थे।
डीटीपीई ने कहा कि फ्लोर मालिकों ने उन्हें बताया कि स्टिल्ट पार्किंग में बिल्डर जतिन अरोड़ा ने यह एरिया बनाकर उन्हें बेचा है। अमित मधोलिया के अनुसार भवन नियमों के तहत 200 वर्ग मीटर तक के प्लाट पर 16 वर्ग मीटर और 200 वर्ग मीटर से बड़े प्लाट पर 20 वर्ग मीटर तक ही संबंधित निर्माण की अनुमति है।
सभी अवैध कवर एरिया को बुलडोजर से हटा दिया गया
स्टिल्ट में किए गए सभी अवैध कवर एरिया को बुलडोजर से हटा दिया गया। इसके बाद टीम डब्ल्यू-5/32 पहुंची। यहां स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन में केवल स्टिल्ट प्लस दो मंजिल स्वीकृत थी, जबकि दो अतिरिक्त मंजिलों पर अवैध रूप से पीजी चलाया जा रहा था। भवन में कुल 28 कमरे पाए गए। सभी कमरों को सील कर दिया गया।
इसके बाद डब्ल्यू-5/31 में बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल के भवन में अवैध रूप से गेस्ट हाउस संचालित किया जा रहा था। यहां कुल 10 कमरे मिले। बेसमेंट में ड्राई क्लीनर और लान्ड्री की गतिविधि भी चल रही थी। विभाग ने इमारत को सील कर दिया।
मोलसरी 62 में स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन में निर्माणाधीन 36 अवैध कमरों का मामला सामने आया। टीम ने सभी 36 कमरों को सील कर दिया। डीएलएफ फेज तीन में कई लोगों ने डीटीपीई की कार्रवाई की सराहना की।
स्टिल्ट पार्किंग का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए होना चाहिए। स्टिल्ट में कमरे या अन्य निर्माण होने से पार्किंग की जगह कम होती है और वाहन सड़कों पर खड़े होने के कारण यातायात प्रभावित होता है। पीजी और गेस्ट हाउस जैसी अनधिकृत गतिविधियों से आसपास के निवासियों को भी परेशानी होती है। - अमित मधोलिया, डीटीपीई, टाउन प्लानिंग
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