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    गुरुग्राम में मानसून जलभराव की निगरानी अब 700 सीसीटीवी कैमरों से होगी

    Updated: Thu, 21 May 2026 04:21 AM (IST)

    गुरुग्राम नगर निगम मानसून के दौरान जलभराव की निगरानी के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट के 700 कैमरों का उपयोग करेगा। इससे जलभराव शुरू होते ही टीमें मौके पर पहु ...और पढ़ें

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    गुरुग्राम नगर निगम मानसून के दौरान जलभराव की निगरानी के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट के 700 कैमरों का उपयोग करेगा। इमेज एआई

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मानसून के दौरान साइबर सिटी में ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए लगाए गए 700 कैमरों से जलभराव की निगरानी की जाएगी। जलभराव शुरू होते ही नगर निगम गुरुग्राम की टीम मौके पर पहुंचेगी और पंपिंग शुरू कर देगी। इससे भारी जलभराव की आशंका नहीं रहेगी। इस बारे में तैयारी शुरू करने के निर्देश नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने बुधवार को अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक में दी। बैठक में अब तक की तैयारी की भी समीक्षा की गई।

    पिछले कुछ वर्षों से साइबर सिटी में मानूसन के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर बन चुकी है। इसे देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी दिशा में बुधवार को आयुक्त ने जलभराव संभावित क्षेत्रों, सीवर एवं ड्रेनेज की सफाई, संसाधनों की उपलब्धता और तकनीकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य तय मानसून आने से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।

    बैठक में जानकारी दी गई कि जलभराव को ध्यान में रखकर फ्लड डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। साथ ही फ्लड डेप्थ सेंसर लगाने और केंद्रीकृत मानिटरिंग सिस्टम विकसित करने पर भी काम चल रहा है, ताकि नागरिक शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके। बैठक में चर्चा की गई कि ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए लगाए गए लगभग 700 कैमरों से जलभराव के बारे में बेहतर निगरानी की जा सकती है। इससे शहर के किस इलाके में जलभराव होना शुरू हो गया, आसानी से पता चल जाएगा।

    इस पर आयुक्त ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जलभराव की निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में जलभराव की आशंका है, उन इलाकों के कैमरे पूरी तरह ठीक हैं, इसका पता लगाएं।

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    155 जलभराव संभावित हाटस्पाट चिह्नित

    बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहर में कुल 155 जलभराव संभावित हाटस्पाट चिह्नित किए गए हैं। इनमें 41 हाइपर क्रिटिकल, 54 मध्यम श्रेणी तथा 60 सामान्य श्रेणी के प्वाइंट शामिल हैं। इन स्थानों पर ड्रेनेज सुधार, डी-सिल्टिंग, सीवर सफाई और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। निगम प्रशासन ने इन कार्यों को 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

    ड्रेनों और सीवर सफाई में तेजी

    नगर निगम क्षेत्र में कुल 607 किलोमीटर स्टार्म वाटर ड्रेन हैं, जिनमें से 408.59 किमी की सफाई पूरी की जा चुकी है। शेष कार्य 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीवर सफाई और रखरखाव से संबंधित 56 टेंडर जारी किए गए हैं। मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए 109 पंप और लगभग 63 सक्शन टैंकरों की व्यवस्था भी की गई है।

    एस-40 क्रिटिकल प्वाइंट पर विशेष फोकस

    पिछले मानसून के बाद शहर में 40 सीवरेज क्रिटिकल प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। इनमें से 23 प्वाइंट पर कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी स्थानों पर काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी कार्य मानसून से पहले पूरे कर लिए जाएंगे।

    वार्ड स्तर पर संसाधनों की तैनाती

    नगर निगम ने वार्डवार संसाधनों की मैपिंग तैयार की है। इसके तहत 269 सीवरमैन, 84 सक्शन टैंकर, 89 ट्रैक्टर माउंटेड पंप और 119 बेलदारों की तैनाती की योजना बनाई गई है। साथ ही सुपरवाइजर, जेनरेटर और अन्य उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

    बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, रविंद्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढ़ाका, चीफ टाउन प्लानर संजीव मान सहित कार्यकारी एवं सहायक अभियंता मौजूद रहे।

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