विदेश में नौकरी का झांसा: हरियाणा के युवाओं को म्यांमार भेजकर साइबर ठगी में धकेलने वाला गिरोह बेनकाब
हरियाणा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो युवाओं को विदेश में नौकरी का लालच देकर म्यांमार भेजता था और उनसे साइबर ठगी करवाता था। गिरोह आकर्षक वेतन का वादा करता था, लेकिन म्यांमार पहुंचने पर युवाओं को साइबर अपराध में धकेल दिया जाता था। पुलिस ने कई गिरफ्तारियां की हैं और मामले की जांच जारी है।

गुरुग्राम साइबर पुलिस ने एक केस की जांच करते हुए शुक्रवार रात आरोपित को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। सौजन्य: हरियाणा पुलिस
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। विदेश में नौकरी का झांसा देकर थाइलैंड के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में चीन और पाकिस्तान मूल के लोगों से मिलकर मानव तस्करी करने वाले एक और आरोपित को पकड़ा गया है। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने एक केस की जांच करते हुए शुक्रवार रात आरोपित को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। इसकी पहचान जींद के दया बस्ती के रहने वाले प्रवीन के रूप में की गई।
एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि आरोपित ने गुरुग्राम समेत हरियाणा से दो युवाओं को थाइलैंड के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार भेजा था। इन्हें डंकी रूट से जंगलों के रास्ते ले जाया गया। म्यांमार में चीन और पाकिस्तान मूल के लोगों द्वारा चलाए जा रहे साइबर सिंडिकेट को इन्हें सौंपा गया। यहां पीड़ित युवकों को जबरन साइबर ठगी में धकेला गया।
जब इन्होंने मना किया तो इन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और करीब सवा चार लाख रुपए मांगे गए। म्यांमार सेना की तरफ से डिपोर्ट किए गए गुरुग्राम के एक पीड़ित युवक की शिकायत पर 24 नवंबर को साइबर थाना पश्चिम में केस दर्ज किया गया। मामले की जांच करते हुए प्रवीन को इस केस में पकड़ा गया।
आरोपित से पूछताछ में पता चला कि यह नवंबर 2024 में थाइलैंड गया था, जहां इसकी मुलाकात साइबर ठगी करने वाले विभिन्न गिरोहों से हुई। इसके बाद यह दिसंबर 2024 में भारत आ गया लेकिन यह गिरोहों के संपर्क में था और इसने भारत के युवाओं को थाइलैंड में नौकरी करने का झांसा दिया।
इसके बदले इसे कमीशन के तौर पर प्रत्येक व्यक्ति के 50 हजार रुपए मिलते थे। यह टेलीग्राम व इंस्टाग्राम के माध्यम से युवाओं से संपर्क करता था। इसने थाइलैंड में रह रहे अपने अन्य साथियों की सहायता से युवाओं को अवैध तरीके से म्यांमार भेजा था। पूछताछ में पता चला कि इसने अब तक दो युवाओं को इस तरह से साइबर सिंडिकेट को भेजा था।
इसके खिलाफ जींद में पहले से ही वीजा धोखाधड़ी से संबंधित एक केस दर्ज है। आरोपित को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान इसके अन्य साथियों के बारे में जानकारी ली जाएगी।
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