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    वोट चोरी के आरोपों पर बीजेपी का 'SIR' पलटवार, विधानसभा में प्रस्ताव लाकर कांग्रेस को घेरने की तैयारी

    Updated: Sun, 21 Dec 2025 07:43 PM (IST)

    हरियाणा में भाजपा सरकार विधानसभा में एसआईआर शुरू करने का प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। यह कदम कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों के बाद उठाया जा रहा है। ...और पढ़ें

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    हरियाणा में एसआईआर शुरू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाने की तैयारी में भाजपा।

    अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा में करीब 25 लाख वोट चोरी के आरोपों के बाद सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा राज्य में कांग्रेस को झटका देने की तैयारी है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सोमवार को विधानसभा में कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर सरकार की ओर से जबरदस्त घेराबंदी की जा सकती है।

    भाजपा सरकार देश के बाकी राज्यों की तरह हरियाणा में भी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया शुरू कराने की घोषणा कर सकती है। इसके लिए रविवार को अवकाश के दिन भी सरकार पूरे दिन तैयारी करती नजर आई। इस समय देश के 12 राज्यों में एसआईआर चल रहा है।

    हरियाणा सरकार की ओर से राज्य में एसआईआर शुरू कराने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाया जा सकता है। भाजपा यह काम उस स्थिति में कर रही है, जब वोट चोरी समेत करीब एक दर्जन मुद्दों पर विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बिना वोटिंग के ही औंधे मुंह गिर चुका है।

    कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी जब जवाब दे रहे थे, तब कांग्रेस के विधायक सदन छोड़कर चले गये थे, जिस कारण बिना वोटिंग के ही प्रस्ताव गिर गया था। पिछले साल 22 अप्रैल 2024 को भी ऐसा ही प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध लाया गया था, लेकिन तब भी वह अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था।

    हरियाणा में कांग्रेस पिछले काफी समय से भाजपा पर वोट चोरी करने के आरोप लगा रही है। यह हमले तब से ज्यादा तेज हुए, जब राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर 25 लाख वोट चोरी करने के आरोप सरकार पर लगाए और कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर वोटों की चोरी की गई है।

    कांग्रेस के इन आरोपों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल समेत कई भाजपा नेता स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं, लेकिन विधानसभा में भाजपा के विरुद्ध कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद पार्टी ने इसका तथ्यों के साथ जवाब देने की योजना बनाई है। इसलिए सरकार चाहती है कि विधानसभा में एसआईआर पर एक प्रस्ताव लाया जाए और उस पर विपक्षी दलों की सहमति भी ली जाए।

    हरियाणा के चुनाव मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा विधानसभा में यह प्रस्ताव लाएंगे। करीब आधा दर्जन विधायकों से एसआईआर पर चर्चा की तैयारी कराई जा चुकी है, जबकि विपक्षी विधायकों को भी बोलने का मौका दिया जाएगा। सरकार की योजना है कि यदि कांग्रेस को लगता है कि राज्य में वोट चोरी हुई है तो उसे एसआईआर शुरू कराने संबंधी प्रस्ताव को मानने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर पहले ही कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वोट चोरी के आरोपों को आंकड़ों के साथ खारिज कर चुके हैं।

    उद्योग मंत्री राव नरबीर ने विधानसभा में राहुल गांधी के बयान का हवाला देकर कहा कि बादशाहपुर में करीब 75 हजार वोटों की चोरी करने के आरोप लगाए, लेकिन वह स्वयं ही 70 हजार वोटों से चुनाव जीते हैं। इसी तरह कैप्टन अजय यादव ने 35 हजार वोटों की चोरी के आरोप लगाए, लेकिन उनके बेटे स्वयं 30 हजार वोटों से चुनाव हारे हैं।

    राव नरबीर ने कहा कि कांग्रेसी जिन-जिन विधानसभा सीटों पर चुनाव हारे, वहां अपने हारने की वोटों की संख्या में पांच हजार वोट जोड़कर बयान देने लगे और वोट चोरी के आरोप लगाने पड़े। उन्होंने विपक्ष को नसीहत दी कि वोट चोरी का मुद्दा उन्होंने गलत उठा लिया है और इसकी कोई स्वीकार्यता अब बिल्कुल नहीं बची है।

    एक्सटेंशन व गेस्ट लेक्चरर 58 साल की उम्र तक नहीं हटाए जाएंगे

    हरियाणा में ऐसे एक्सटेंशन व अतिथि अध्यापक जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें 58 साल की उम्र तक अब नहीं हटाया जा सकेगा। इन प्राध्यापकों को पक्के प्राध्यापकों की तर्ज पर महंगाई भत्ता मिलेगा। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन स्तर के आखिरी दिन सोमवार को यह बिल पेश होगा। सरकार ने कच्चे कर्मचारियों की नौकरी 58 साल तक पक्की करने के बाद अब राज्य सरकार ने एक्सटेंशन व गेस्ट लेक्चरर और तकनीकी कालेजों में तैनात अतिथि संकाय की नौकरी सेवानिवृत्ति आयु तक सुरक्षित कर दी है।

    वहीं, वे एक्सटेंशन व अतिथि अध्यापक जिन्होंने 15 अगस्त 2024 तक पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें 58 साल की उम्र तक अब नहीं हटाया जा सकेगा। हर साल जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता भी बढ़ेगा। इसके अलावा इन्हें चिरायु योजना, मृत्यु सह सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी, मातृत्व लाभ और एक्सग्रेसिया का भी लाभ मिलेगा।

    उन प्राध्यापकों को लाभ नहीं मिलेगा जिनकी उम्र 58 साल हो गई है और जिन्हें हटा दिया गया हो या त्याग पत्र दे दिया हो। राज्य के राजकीय महाविद्यालयों में करीब दो हजार एक्सटेंशन लेक्चरर और 46 गेस्ट लेक्चरर तैनात हैं। वहीं, सरकार विश्वविद्यालयों में कार्यरत करीब 1400 से ज्यादा अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों की भी 58 साल की आयु तक नौकरी पक्की कर सकती है।