दक्षिण हरियाणा में राव इंद्रजीत का सियासी दबदबा कायम, लीडरशिप के लिए फिर क्यों नया चेहरा तलाश रही बीजेपी?
दक्षिण हरियाणा में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का राजनीतिक दबदबा बरकरार है, जबकि भाजपा उनके समानांतर नेतृत्व तैयार करने की कोशिश कर रही है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और इंद्रजीत सिंह
HighLights
राव इंद्रजीत का दक्षिण हरियाणा में मजबूत राजनीतिक प्रभाव
भाजपा कर रही वैकल्पिक नेतृत्व तैयार करने के प्रयास
समर्थक विधायकों संग चाय पार्टी कर शक्ति प्रदर्शन
अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की ताकत केवल उनके चुनावी जनाधार तक सीमित नहीं है। अहीरवाल में उनका प्रभाव, समर्थक विधायकों का नेटवर्क और सार्वजनिक मंचों पर बेबाकी उन्हें भाजपा के भीतर एक स्वतंत्र राजनीतिक धुरी बनाते हैं।
कांग्रेस में रहते हुए भी वह समय-समय पर अपनी ताकत का अहसास कराते थे और भाजपा में आने के बाद भी उनका यह अंदाज बरकरार है। यही वह राजनीतिक वास्तविकता है, जिसे भाजपा नजरअंदाज नहीं कर पा रही है। ऐसे में पार्टी की रणनीति है कि दक्षिण हरियाणा में नेतृत्व किसी एक नेता के प्रभाव तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
इसके लिए राव इंद्रजीत की राजनीतिक ताकत और उनके समानांतर नेतृत्व तैयार करने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। इस समीकरण का एक दिलचस्प पहलू यह है कि केंद्र में राव इंद्रजीत मंत्री हैं, जबकि उनकी बेटी आरती सिंह राव हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं।
पिता और बेटी दोनों मंत्री
पिता और बेटी का केंद्र तथा राज्य सरकार में मंत्री होना परिवार के राजनीतिक प्रभाव को नई परत देता है। हालांकि, भाजपा के लिए चुनौती केवल इस प्रभाव के साथ तालमेल बैठाने की नहीं, बल्कि संगठन के भीतर दूसरे क्षेत्रीय चेहरों को भी राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने की है।
राव इंद्रजीत जब समर्थकों की एकजुटता का प्रदर्शन करते हैं, तो उसका संदेश पार्टी नेतृत्व तक भी पहुंचता है। दक्षिण हरियाणा में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह को राव इंद्रजीत का प्रमुख विरोधी माना जाता है।
राव इंद्रजीत की राजनीति पर उठते रहे सवाल
पिछली भाजपा सरकार में राज्य मंत्री रहे डॉ.अभय सिंह यादव भी सार्वजनिक मंचों से राव इंद्रजीत की राजनीति पर गंभीर सवाल उठाते रहे हैं। पूर्व सांसद और भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य डॉ. सुधा यादव को हाल ही में कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है, जिसका क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में उल्लेखनीय महत्व है। सुधा यादव के बेटे सिद्धार्थ यादव को हाल ही में भाजपा की राष्ट्रीय टीम में रखा गया है।
हरियाणा पर्यटन निगम के पूर्व चेयरमैन डॉ. अरविंद यादव भी राव इंद्रजीत के विरोधी खेमे में गिने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के करीबी रहे जवाहर यादव पहले से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय हैं।
अब अरविंद यादव के आइआइटीयन बेटे अनिरुद्ध यादव को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का ओएसडी बनाए जाने से इस राजनीतिक समीकरण में एक और नाम जुड़ गया है।
चाय पार्टी के बहाने शक्ति प्रदर्शन
इसी पृष्ठभूमि में राव इंद्रजीत ने दूसरी बार चंडीगढ़ में अपनी बेटी आरती सिंह राव के सरकारी आवास पर दक्षिण हरियाणा के समर्थक विधायकों की चाय पार्टी आयोजित की।
बैठक में बड़े राजनीतिक फैसले की जानकारी लेकिन इसमें शामिल विधायकों की मौजूदगी ने राव इंद्रजीत के क्षेत्रीय प्रभाव का संदेश जरूर दिया।
इससे पहले भी उनकी बेटी के आवास पर विधायकों का भोज हो चुका है। उस आयोजन के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा उनसे मिलने पहुंचे थे।
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