कैंसर से जूझ रही पत्नी के साथ जरूरतमंदों में बांटे कंबल, रिटायर्ड तहसीलदार जिवेंद्र मलिक ने जीता लोगों का दिल
तहसीलदार जिवेंद्र मलिक ने अपनी सेवानिवृत्ति पर जरूरतमंदों को कंबल और मिठाई बांटी। उन्होंने रैन बसेरों का दौरा किया और ठसका गांव की गौशाला में गायों को चारा खिलाया। तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने उन्हें सादे समारोह में विदाई दी। मलिक ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और निष्ठा बनाए रखने का संकल्प लिया। उनकी पत्नी सुनील देवी भी इस अवसर पर उनके साथ थीं।
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जरुरतमंदों को कंबल व मिठाई वितरित करते तहसीलदार। सौ. कर्मचारी
जागरण संवाददाता, गोहाना। तहसीलदार जिवेंद्र मलिक ने अपने रिटायरमेंट के मौके पर जरूरतमंदों की सेवा की। शुक्रवार को उन्होंने नई अनाज मंडी, नगर परिषद और ढींगरा पार्क में बने रैन बसेरों का दौरा किया और जरूरतमंदों को कंबल और मिठाई बांटी।

इसके बाद वे ठसका गांव की गौशाला गए और गायों को 250 किलो हरा चारा खिलाया। तहसील ऑफिस के कर्मचारियों और अधिकारियों ने उन्हें सादे तरीके से विदाई दी।

सरधना गांव के रहने वाले जिवेंद्र मलिक 2008 में नायब तहसीलदार बने थे। बाद में वे तहसीलदार बन गए। उन्होंने सोनीपत, खरखौदा और गोहाना में तीन साल तक तहसीलदार के तौर पर काम किया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी भले ही खत्म हो जाए, लेकिन समाज के प्रति कर्तव्य और वफादारी बनी रहती है।

शुक्रवार को तहसील ऑफिस के कर्मचारियों ने उन्हें सादे तरीके से विदाई दी। वे भविष्य में भी जरूरतमंदों की मदद करते रहने का वादा करके गए। जिवेंद्र 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं, लेकिन 29 और 30 नवंबर को छुट्टी होने के कारण उन्हें शुक्रवार को विदाई दी गई। इस मौके पर उनकी पत्नी सुनील देवी भी उनके साथ थीं।

सुनील देवी, जो अभी गुरुग्राम में टीचर हैं और कैंसर से जूझ रही हैं, अभी-अभी हॉस्पिटल से लौटी थीं। कैंसर के दर्द के बावजूद, उन्होंने अपने पति के रिटायरमेंट पर पूरा दिन उनके साथ बिताया।

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