हरियाणा में रिटायर्ड बैंक कर्मी से 66 लाख की लूट, ठगों ने 2 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा डिजिटल अरेस्ट
यमुनानगर में एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 66.23 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। ठगों ने खुद को ट्राई अधिकारी बताकर आधार क ...और पढ़ें
-1771408737833_m.webp)
सेवानिवृत्त बैंक कर्मी को खाता वैरिफिकेशन के नाम पर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखा 66.23 लाख रुपये ठगे।
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। डिजिटल अरेस्ट को लेकर जिला पुलिस की ओर से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद लोग ठगों के जाल में फंस रहे हैं। अब सेवानिवृत्त बैंक कर्मी को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठग लिया। उन्हें ट्राई (टेलीफोन रेगूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के अधिकारी बताकर 48 घंटे तक निगरानी में रखा। 66.33 लाख रुपये ठगे। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, सेवानिवृत्त बैंक कर्मी के पास आठ फरवरी को अनजान नंबर से वीडियो काल आई। काल करने वाले ने स्वयं को ट्राइ का अधिकारी बताया और कहा कि आपके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इस आधार कार्ड से केनरा बैंक में खाता खुला हुआ है। इस खाते की वैरिफिकेशन की जा रही है।
इसलिए वीडियो काल पर ही वैरिफिकेशन होगी। इसमें फिजिकली पेश होने की जरूरत नहीं है। इस तरह से साइबर ठगों ने बुजुर्ग को जाल में फंसा लिया। उनसे परिवार से लेकर बैंक खातों तक की जानकारी ले ली। यहां तक कि फिक्सड डिपोजिट की भी जांच के नाम पर जानकारी ली। ठगों ने उनसे एफडी की डिटेल ली। बाद में उन्हें डराते हुए सभी एफडी तुड़वाई और उनके रुपये बैंक खाते में जमा कराए। इस तरह से दो दिन तक ठगों ने उन्हें वीडियो काल पर रखा।
वीडियो कॉल बंद नहीं करने दी गई। दस फरवरी को कहा गया कि इस रकम की वैरिफिशन आरबीआइ करेगा। इसके लिए अकाउंट नंबर दिया और उसमें एफडी तुड़वाकर जमा की गई रकम को मंगवाया गया। उनके दिए खाते में 66 लाख 23 हजार रुपये जमा करा दिए।
फिर कहा गया कि जैसे ही यह वैरिफिकेशन पूरी होगी। रुपये वापस कर दिए जाएंगे। ठग अलग-अलग अधिकारी बनकर उनसे काल करते रहे। दो दिन बाद जब इस बारे में बुजुर्ग ने बेटे को बताया तो पता लगा कि साइबर ठगी हुई है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।