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हिमाचल: कुल्लू में प्रोजेक्ट टनल में रिसाव से आया सैलाब, आधी रात 15 घरों में घुसा मलबा और पानी; लोगों ने भागकर बचाई जान

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 20 Sep 2026 11:27 AM (IST)Updated: Sun, 20 Sep 2026 12:48 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के पालचरा गांव में पार्वती जल विद्युत परियोजना की टनल लीक होने से आधी रात अचानक सैलाब आ गया।

HighLights

  1. पार्वती परियोजना टनल लीक से कुल्लू में अचानक सैलाब आया।

  2. पालचरा गांव में 15 परिवारों के घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं।

  3. बिना बारिश आधी रात आए सैलाब से ग्रामीणों में दहशत फैली।

झावे राम ठाकुर, सैंज (कुल्लू)। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में आधी रात अचानक सैलाब आ गया और लोगों को घर छोड़कर जान बचानी पड़ी। पार्वती जल विद्युत परियोजना चरण-दो के एडिट-5 में टनल लीक होने से रैला पंचायत के पालचरा गांव में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि परियोजना की एडिट-5 में प्रेशर वॉल लीक होने के बाद अचानक भारी मात्रा में पानी बाहर आ गया। बिन बारिश साफ मौसम में पानी का सैलाब देख लोग हैरान हो गए व तुरंत भागने की तरकीब ही अपनाई।

Kullu flood 3

पानी के तेज बहाव के साथ एनएचपीसी की डंपिंग साइट का मलबा भी नीचे की ओर बहकर रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच गया। इससे पालचरा गांव में कई परिवारों के घर, दुकान व होमस्टे चपेट में आ गए।

Kullu flood 1

अचानक आई इस स्थिति से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। पानी और मलबे के घरों तक पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। कई लोगों ने रात अपने रिश्तेदारों के घर गुजारी।

15 परिवारों को नुकसान

ग्रामीणों के अनुसार एनएचपीसी की डंपिंग साइट पर पड़ा भारी मलबा पानी के बहाव के साथ बहकर उनके घरों तक पहुंचा, इससे करीब 15 परिवारों को भारी नुकसान होने की बात सामने आई है। कई रिहायशी मकानों के आसपास मलबा जमा हो गया, जबकि रास्तों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।

Kullu flood 2

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण परियोजना प्रबंधन तथा प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करवाने की मांग कर रहे हैं। 

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना क्षेत्र में इस तरह पानी और मलबा आने से भविष्य में भी खतरा बना रह सकता है। उन्होंने मांग उठाई कि प्रभावित परिवारों के नुकसान का जल्द आकलन किया जाए तथा उन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध करवाने के साथ उचित राहत दी जाए। इसके अलावा डंपिंग साइट से मलबा नीचे की ओर न पहुंचे, इसके लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए जाएं।

 

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