कसौली में दो मंजिल से ऊंचे सरकारी भवन बनाने पर एनजीटी सख्त, हिमाचल सरकार ने निगरानी के लिए बनाई समितियां
हिमाचल सरकार ने कसौली की पहाड़ियों और पर्यावरण को बचाने के लिए निर्माण गतिविधियों पर निगरानी मजबूत करने हेतु दो स्तरीय विशेष समिति गठित की है।

हिमाचल सरकार ने कसौली में निर्माण की निगरानी के लिए समितियां गठित की हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
कसौली में निर्माण गतिविधियों पर निगरानी मजबूत होगी।
एनजीटी के आदेश पर दो स्तरीय समिति गठित।
दो मंजिल से ऊंचे सरकारी भवनों की जांच।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में जिला सोलन के कसौली की पहाड़ियों और पर्यावरण को बचाने के लिए अब निर्माण गतिविधियों पर निगरानी तंत्र मजबूत किया जाएगा। एनजीटी के आदेश के पालन में प्रदेश सरकार ने कसौली योजना क्षेत्र के लिए दो स्तरीय विशेष समिति गठित की है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की है।
इसमें एक पर्यवेक्षण समिति और दूसरी क्रियान्वयन समिति होगी। दोनों समितियों का उद्देश्य योजना क्षेत्र में निर्माण से जुड़े मामलों की निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना है।
एनजीटी के आदेश पर अमल
एनजीटी ने पांच अक्टूबर 2018 को सोसायटी फार प्रिजर्वेशन आफ कसौली एंड इट्स एनवायरनमेंट (स्पोक) बनाम अन्य के मामले में आदेश दिए थे। सरकार ने इन्हीं आदेशों के तहत यह व्यवस्था बनाई है।
भवनों के प्रस्तावों की होगी जांच
क्रियान्वयन समिति सरकारी अस्पतालों, अग्निशमन सेवाओं, स्कूलों, कालेजों, सार्वजनिक सेवाओं और आधारभूत ढांचे से संबंधित भवनों के उन प्रस्तावों की जांच करेगी, जिनमें दो मंजिल से अधिक निर्माण प्रस्तावित हैं। समिति उचित पाए जाने पर ऐसे मामलों को आगे विचार और मंजूरी के लिए पर्यवेक्षण समिति के समक्ष भेजेगी।
क्रियान्वयन समिति की बैठक हर दो महीने, जबकि पर्यवेक्षण समिति की बैठक हर तीन महीने में होगी। इससे निर्माण संबंधी प्रस्तावों की नियमित समीक्षा और विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
समितियों में वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों को जिम्मेदारी
पर्यवेक्षण समिति की अध्यक्षता सरकार के सचिव (नगर एवं ग्राम नियोजन) करेंगे। इसमें एनआइटी हमीरपुर और गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के नामित विशेषज्ञों के अलावा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, भू-विज्ञान, नगर नियोजन और सोलन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल हैं। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक सदस्य सचिव होंगे। क्रियान्वयन समिति की अध्यक्षता विभाग के निदेशक करेंगे। इसमें वन, पर्यटन, पुलिस, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली बोर्ड, अग्निशमन और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
