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    MBBS सीटों पर संघर्ष समिति के आंदोलन से पहले जम्मू में राजनीति का 'सांप्रदायिक कार्ड', जानिए क्या है पूरा मामला?

    By ROHIT JANDIYALEdited By: Rahul Sharma
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 11:53 AM (IST)

    जम्मू में माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों के आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। संघर्ष समिति के आंदोलन से पहले, प्रशासन द्वारा एक यू-ट्यूबर के मकान को गिराने पर सांप्रदायिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन पर मुस्लिम परिवारों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने सरकार पर पलटवार किया है।

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    भाजपा का आरोप इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं।

    जागरण संवाददाता, जम्मू। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों के मामले में जम्मू के हक और हिंदुओं की आवाज उठा रही संघर्ष समिति के आंदोलन से ठीक पहले अब सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। 

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    जम्मू में सरकारी जमीन पर बना एक यू-ट्यूबर अरफाज का मकान प्रशासन ने उखाड़ के गिरा दिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई का अरफाज के धर्म से जोड़ दिया। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रशासन पर मुस्लिम परिवारों के घरों को निशाना बनाने का आरोप मढ़ इसे भड़काने का प्रयास किया।

    इस बीच, भाजपा ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। जब सरकार ढांचे को गिराती है तो उनकी जिम्मेदारी भी उनको ही लेनी चाहिए। बता दें कि शहरी विकास विभाग मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अधीन ही आता है। 

    संघर्ष समिति में शामिल हैं 60 से अधिक संगठन

    यहां बता दें कि श्राइन बोर्ड मेडिकल कॉलेज के पहले बैच की एमबीबीएस की 50 में से 42 सीटें मुस्लिम समुदाय के छात्रों को आवंटित करने के मुद्दे पर जम्मू के 60 से ज्यादा धार्मिक, सामाजिक व व्यावसायिक संगठन संघर्ष समिति के बैनर तले एक बड़ा आंदोलन कर रहे हैं।

    इसके लिए जिला व तहसील स्तर पर कमेटियां तक बनाई गई हैं। इसी आंदोलन के पहले चरण में समिति शनिवार को जम्मू में प्रदर्शन करेगी और उसके बाद रघुनाथ मंदिर चौक पर धरना दिया जाएगा। इस मुद्दे पर जम्मू के संगठन एकजुट नजर आ रहे हैं। 

    निर्वाचित सरकार को नीचा दिखाया जा रहा 

    श्रीनगर में उमर ने कहा कि उपराज्यपाल के कार्यालय द्वारा नियुक्त अधिकारी जानबूझकर एक खास समुदाय को निशाना बनाकर उनके घरों को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। इस कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रियों को न तो बताया गया, न चुनी हुई सरकार को भरोसे में लिया गया।

    यह आवास व शहरी विकास विभाग से संबंधित पूरी तरह से निर्वाचित सरकार के कार्याधिकार क्षेत्र में है। लेकिन इस एक आदमी को क्यों निशाना बनाया गया। या उसका धर्म इसकी वजह है? जेडीए के अधिकारी साजिश के तहत चुनकर घर गिरा रहे हैं। वह जेडीए की जमीन पर कब्जा करने वालों के नाम सार्वजनिक करें। 

    महबूबा बोलीं- यह उत्तर प्रदेश नहीं जम्मू-कश्मीर है 

    पीडीपी अध्यक्ष महबूबा ने एक ट्वीट में लिखा 'यह उत्तर प्रदेश या कहीं और के बेवजह मुस्लिम परिवारों के घर तो नहीं है, जहां आम बात ही। यह जम्मू-कश्मीर है, यहां अरफाज के सामने अपने घर को मलबे में तब्दील होते देखना पड़'।