जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में दो जगह फटा बादल, अचानक आई बाढ़ से 34 सड़कें प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में दो स्थानों पर बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे 34 सड़कें प्रभावित हुईं। ...और पढ़ें

किश्तवाड़ में दो जगहों पर फटा बादल (जागरण फोटो)
HighLights
किश्तवाड़ में दो जगहों पर बादल फटने की घटना
अचानक आई बाढ़ से 34 सड़कें हुईं प्रभावित
किसी भी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं
डिजिटल डेस्क, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में दो जगहों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना सारथन के गाहन इलाके में हुई। वहीं, दूसरी घटना माछीपाल में हुई है।
मौके से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ही स्थानों पर किसी के हताहत होने, घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है। किश्तवाड़ के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) पवन कोटवाल (जेकेएएस) ने पुष्टि की है कि अभी तक किसी के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
राहत कार्य में जुटीं मशीनें
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घटना को लेकर एक्स प्लेटफार्म पर लिखा कि जिला रेड क्रॉस, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजी गई हैं। सड़क अवरोधों की सूचना मिली है और प्रभावित सड़कों को जल्द से जल्द साफ करने और खोलने के लिए कर्मचारियों और मशीनों को काम पर लगाया गया है।
जिला प्रशासन ने निगरानी और राहत उपायों को तेज कर दिया है। राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी सतर्क हैं और प्रभावित तथा आसपास के क्षेत्रों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। मोबाइल गश्त दल और फील्ड स्टाफ स्थिति का आकलन करने और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ नियमित संपर्क में हैं। मेरा कार्यालय लगातार संपर्क में है। -जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री
34 सड़कें प्रभावित
वहीं, किश्तवाड़ के डीसी पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि द्राबशाला और गुज्जुवा के बीच स्थित पहाड़ी पर बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई, जिससे द्राबशाला जीरो प्वाइंट, सुरु-सार्थल, गान और मच्छीपाल समेत 34 सड़कें प्रभावित हुईं। हालांकि, किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। बहाली का काम शुरू हो चुका है और द्राबशाला जाने वाला मुख्य राजमार्ग साफ कर दिया गया है।
डोडा स्थित एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक के साथ समन्वय जारी है ताकि द्राबशाला से आगे फातरी की ओर जाने वाले मार्ग को साफ किया जा सके। जनता से अनुरोध है कि मानसून के मौसम में नालों और नदियों से दूर रहें और बारिश या बाढ़ से संबंधित किसी भी स्थिति की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष, स्थानीय तहसीलदार या राजस्व अधिकारियों को दें ताकि राहत और बहाली के कार्य शीघ्रता से किए जा सकें।
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