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जम्मू-कश्मीर: उमर सरकार को बड़ा झटका, 3 नवंबर को इस्तीफा देंगे सांसद सैयद रुहुल्ला मेहदी

Published: Thu, 29 Oct 2026 09:19 AM (IST)

सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और लोकसभा से 3 नवंबर को इस्तीफा देने की घोषणा की है।

तीन नवंबर को इस्तीफा देंगे सांसद रुहुल्ला (जागरण फाइल)

तीन नवंबर को इस्तीफा देंगे सांसद रुहुल्ला (जागरण फाइल)

HighLights

  1. सांसद रुहुल्ला मेहदी ने इस्तीफे की घोषणा की

  2. पार्टी के आंतरिक कलह और वादों से नाराजगी

  3. 3 नवंबर को पिता की बरसी पर देंगे इस्तीफा

राज्य ब्यूरो, जम्मू। उमर सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से उपजी अंतर्कलह के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस को एक और बड़ा झटका लगा है। पहले से बागी तेवर अपना चुके सांसद आगा सैयद रुहुल्ला ने तीन नवंबर को पार्टी और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का एलान कर दिया है। रुहुल्ला ने कहा कि न पार्टी ने अपने रवैये में बदलाव लाया है और न मैंने अपना कोई इरादा बदला है।

रुहुल्ला ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा मंत्रिमंडल में विस्तार किए जाने के बाद पार्टी में पैदा हुए रोष को स्वभाविक बताते हुए कहा कि इसमें कुछ भी हैरान करने वाला नहीं है। कल तक मैं अकेला कहता था कि कुछ लोग इस पार्टी को बर्बाद कर रहे हैं, आज पार्टी में अन्य विधायक भी कह रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं किसी भी नाराज विधायक के साथ संपर्क में नहीं हूं और न मैं पार्टी तोड़ने जा रहा हूं।

बता दें कि तीन नवंबर को रुहुल्ला के पिता की बरसी है, जिनकी वर्ष 2000 में एक आतंकी हमले में मौत हो गई थी। उसी दिन रुहल्ला इस्तीफा देने जा रहे हैं। रुहुल्ला जम्मू-कश्मीर में शिया समुदाय के एक बड़े वर्ग के धर्मगुरु भी हैं।

नेकां अपने वादे से पीछे हट चुकी है: रुहुल्ला

रुहुल्ला ने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस ने 2024 के विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर के विशेष संवैधानिक दर्जे की बहाली और राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए प्रयास करने का वादा किया था।

उन्होंने कहा कि मैं स्वयं घोषणापत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल था, लेकिन आज पार्टी अपने इस वादे से पीछे हट चुकी है। आरक्षण को युक्तिसंगत बनाने के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

उन्होंने कहा कि मैंने पार्टी के मूल राजनीतिक एजेंडे की बात की, सिद्धांतों की बात की, जो कई लोगों को रास नहीं आती है और इसीलिए मुझे दरकिनार करने का प्रयास किया गया।

फारूक ने दी थी इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने की चुनौती

इसी वर्ष 26 अगस्त को पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रुहुल्ला के बगावती सुर को देखते हुए उन्हें इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। इसके बाद दोनों के बीच मतभेद और खुलकर सामने आए।

रुहुल्ला ने चुनौती स्वीकारते हुए कहा था कि वह तीन नवंबर को इस्तीफा दे देंगे। रुहुल्ला हालिया बडगाम विधानसभा उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार आगा सैयद महमूद के प्रचार से भी दूर रहे और नतीजा चुनाव में नेकां को पीडीपी उम्मीदवार आगा सैयद मुंतजिर के हाथों हार मिली थी।

 

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