'AK-47 से गोलियां चलाईं, यह सीधा मर्डर था', लद्दाख हिंसा में 15 लाख के मुआवजे के एलान पर भड़के सोनम वांगचुक
लद्दाख उपराज्यपाल द्वारा लेह हिंसा पीड़ितों के लिए घोषित मुआवजे पर शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताई है।

सोनम वांगचुक और उपराज्यपाल विनय सक्सेना (फाइल फोटो)
HighLights
उपराज्यपाल ने लेह हिंसा पीड़ितों के लिए 15 लाख मुआवजे का एलान किया
सोनम वांगचुक ने मुआवजे को अपर्याप्त बताकर नाराजगी व्यक्त की है
उन्होंने घटना को 'सीधा मर्डर' बताते हुए न्याय की मांग की
डिजिटल डेस्क, जम्मू। लद्दाख उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने रविवार को लेह हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों के लिए 15 लाख रुपये का और घायलों के लिए तीन लाख रुपये के मुआवजे का एलान किया था।
लद्दाख प्रशासन ने हिंसा में गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए तीन लाख रुपये और मामूली चोटों से प्रभावित लोगों के लिए एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी स्वीकृत की। इस पर शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने नाराजगी जताई है और इसका विरोध करते हुए मुआवजा बढ़ाने की मांग की है।
मेरा सिर शर्म से झुक गया: सोनम वांगचुक
सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर वीडियो पोस्ट करते हुए वांगचुक ने कहा कि कल रात उपराज्यपाल ने 24 सितंबर को हुए शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को 15 लाख रुपये और घायलों को 3 लाख रुपये देने का एलान किया गया है। लेकिन यह सुनकर मुझे कोई खुशी नहीं हुई, बल्कि मेरा सिर शर्म से झुक गया है।

उस दिन सड़कों पर चल रहे ज्यादातर लोग निहत्थे थे। उन पर बिना किसी आदेश के एके-47 (AK-47) से सीधे छाती और पैरों में गोलियां चलाई गईं। यह सीधा मर्डर था... इस घटना में 5 मासूमों की जान गई और 80 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए। वे पूर्व सैनिक भी हिंसा में हताहत हुए, जिन्होंने कभी देश की सीमा पर सेवाएं दी थीं। -सोनम वांगुचक, शिक्षाविद
अधिकारियों को लद्दाख से हटाकर किया प्रमोट: सोनम वांगचुक
उन्होंने आगे कहा कि अगर ज्यूडिशियल इंक्वायरी कमीशन की रिपोर्ट बाहर आती। तब हिंसा का सच सच सबके सामने होता। लेकिन उस रिपोर्ट को दबा दिया गया। जिन अधिकारियों की निगरानी में यह सब हुआ। उन्हें सजा देने की बजाय लद्दाख से हटाकर दिल्ली में बड़े-बड़े पदों पर प्रमोट कर दिया गया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोगों पर पेलेट गन से हमला किया गया था, तब गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग उठी थी। लेकिन लद्दाख के मुद्दों और लोगों को काफी हल्के में लिया गया।
सोनम वांगुचक ने कहा कि अगर पीड़ितों को न्याय और सही मुआवजा नहीं मिला, तो मैं इस काले सच के एक-एक किस्से को दुनिया के सामने रखूंगा। लद्दाख के हक और अपने शहीदों के सम्मान के लिए अब हम सभी को एक साथ खड़े होना ही होगा।
