SMVDIDE में मुस्लिम छात्रों को MBBS में प्रवेश देने के विरोध में जम्मू में हिंदू संगठनों के आंदोलन का शंखनाद
जम्मू में मुस्लिम छात्रों को माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट में एमबीबीएस में प्रवेश देने के विरोध में हिंदू संगठन सड़कों पर उतरे। उन्होंने सीटों के आवंटन पर नाराजगी जताई और सरकार को चेतावनी दी कि प्रवेश रद्द न होने पर आंदोलन तेज होगा। प्रदर्शनकारियों ने श्राइन बोर्ड पर हिंदुओं के पैसे का उपयोग करने का आरोप लगाया और मेडिकल कॉलेज में हिंदुओं को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने मांस सेवन पर भी चिंता जताई और समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

कॉलेज प्रशासन ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
जागरण संवाददाता, जम्मू। मुस्लिम छात्रों को श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIDE) में एमबीबीएस में प्रवेश देने के विरोध में आज जम्मू के कई संगठन सड़कों पर उतर आए।
पहले उन्होंने धरना प्रदर्शन कर सीटों के आवंटन को लेकर रोष जताया। उसके बाद इन संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर मुस्लिम छात्रों को दिया गया प्रवेश रद नहीं किया गया तो जम्मू बंद सहित आंदोलन को तेज किया जाएगा और इसके लिए पूरी तरह से सरकार ही जिम्मेदार होगी।
श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के बैनर तले रैली के रूप में श्री रघुनाथ बाजार से सिटी चौक से होते हुए इंदिरा चौक पहुंचे। रैली में शामिल लोग माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि हिंदुओं के पैसे से चलने वाले श्राइन बोर्ड के पैसे पर सिर्फ हिंदुओं का हक है।
पहले तो श्राइन बोर्ड को धार्मिक कार्यक्रमों और धार्मिक संस्थान बनाने की ओर ही ध्यान देना चाहिए। अगर मेडिकल कालेज बनाया ही है तो इसमें हिंदुओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। आपको बता दें कि इस आंदोलन में जम्मू के 60 सामाजिक, धार्मिक व व्यापारिक संगठन शामिल हैं। शनिवार को संघर्ष समिति के सदस्य रघुनाथ मंदिर चौक में एकत्रित हुए और यहां से आंदोलन का शंखनाद किया।
प्रदर्शन के बाद श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति की कोर कमेटी के लोगों ने डिवीजनल कमिश्नर के माध्यम से राष्ट्रपति, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और उपराज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का गठन श्राइन बोर्ड अधिनियम 1988 के तहत हुआ था ताकि पवित्र मंदिर का उचित प्रबंधन प्रशासन, विकास और विनियमन सुनिश्चित किया जा सके तथा भक्तों द्वारा चढ़ाए गए धन का उपयोग केवल मंदिर से जुडेे़ आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और परोपकारी उद्देश्यों के अनुरूप किया जा सके।
ज्ञापन में कहा बताया गया है कि एसएमवीडीआइई की 50 एमबीबीएस सीटों में से 45 सीटें ऐसे समुदाय के छात्रों को आवंटित की गई हैं। जिनका इस श्राइन, इसकी परंपराओं या इसकी भक्ति से कोई संबंध नहीं है।
संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एक्सीलेंस पूरी तरह से हिंदुओं के दान से बना हुआ है और यह लाखों करोड़ों हिंदुओं की आस्था का भी सवाल है। अगर अन्य कई ऐसे मेडिकल कालेजों में एक विशेष समुदाय के लिए सीटें आरक्षित हो सकती हैं तो इस मेडिकल कालेज के लिए क्यों नहीं?
श्री माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा से लेकर अन्य पूरे क्षेत्र में जहां मास-शराब सभी प्रतिबंधित है, ऐसे में सरकार यह कैसे सुनिश्चित कर पाएगी कि इस प्रकार मुस्लिम समुदाय के ही अधिकांश छात्रों को यहां पर एडमिशन देने से मास का सेवन नहीं होगा। हिंदू समुदाय यह सहन नहीं करेगा और जब तक यहां पर शत-प्रतिशत हिंदुओं को एडमिशन नहीं दी जाती तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
संंघर्ष समिति का कहना है कि सभी चिंताएं जन-हित में उठाई गई हैं। नीति सुधार एवं विणिक पुनर्सरचना की आवश्यकता। यह सुझाव पवित्रता की रक्षा, जन आस्था को सुरक्षित रखने और संभावित सामाजिक तनाव से बचने के लिए दिए गए हैं।
समिति ने करोड़ों भक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी पीड़ा को दूर किया जाएगा, जिससे सामाजिक सौहार्द बना रहे और पवित्र मंदिर की गरिमा अक्षुण रहे। प्रदर्शन और रैली में भाग लेने वाले सभी संगठनों ने मांग की है कि जल्द इस मुद्दे का समाधान हो। अगर ऐसा नहींहोता तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में व्यापक रूप ले सकता है। जिसके लिए जम्मू की जनता तैयार है।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।