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    जम्मू-कश्मीर के राजौरी में जंगली मशरूम खाने से बुजुर्ग की मौत, 7 की बिगड़ी तबीयत

    Updated: Sun, 17 May 2026 08:45 AM (IST)

    राजौरी के कोटरंका में जंगली मशरूम खाने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई और परिवार के सात अन्य सदस्य बीमार पड़ गए, जिन्हें जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया ...और पढ़ें

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    जंगली मशरूम खाने से पूरे परिवार की हालत बिगड़ी, बुजुर्ग की मौत, सात बीमार।

    HighLights

    1. जंगली मशरूम खाने से एक बुजुर्ग की मौत

    2. परिवार के सात सदस्य जीएमसी राजौरी में भर्ती

    3. स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जांच शुरू की

    जागरण संवाददाता, राजौरी। जिला राजौरी के कोटरंका में जंगल क्षेत्र से लाई मशरूम की सब्जी बनाकर खाने से एक परिवार की हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई और परिवार के सात अन्य सदस्यों को जीएमसी अस्पताल राजौरी में भर्ती करवाना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    डॉक्टरों की टीमें लगातार बीमार लोगों की स्थिति पर नजर बनाए हैं। कोटरंका पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात को कोटरंका के गांव मोहड़ा में एक परिवार के आठ लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि सभी ने रात को भोजन में जंगल से लाई गई मशरूम की सब्जी खाई थी।

    भोजन के कुछ समय बाद सभी को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर आने शुरू हो गए। स्थिति गंभीर होने पर स्थानीय लोग उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांडी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने सभी की गंभीर हालत देखते हुए जीएमसी अस्पताल राजौरी रेफर कर दिया। अस्पताल में उपचार के दौरान 60 वर्षीय मुहम्मद हुसैन की मौत हो गई, जबकि अन्य सात मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

    पीड़ितों में रुबीना कौसर (24), रतीश अली (6), आतिश अली (10), आफिया कौसर (17), मुहम्मद हुसैन (60), मुहम्मद इमरान (8), मुहम्मद इरफान (16) व सखी मुहम्मद (14) शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने प्रभावित परिवार से पूछताछ कर भोजन के नमूने एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में जंगली मशरूम में किसी जहरीले तत्व की आशंका जताई जा रही है। वास्तविक कारण प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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    सामान्य फूड प्वाइजनिंग का मामला लग रहा: डॉ. भाटिया

    मेडिकल कालेज राजौरी के प्रिंसिपल डॉ. एएस भाटिया ने कहा कि फिलहाल इसे सामान्य फूड प्वाइजनिंग का मामला माना जा रहा है और इसे पुराने बडाल मामले से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अस्पताल में भर्ती सातों मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। डॉ. भाटिया ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की जंगली सब्जी या अपरिचित वनस्पति का सेवन करने से पहले पूरी सावधानी बरतें। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है।

    डेढ़ वर्ष पहले कोटरंका के बड़ाल में 17 लोगों की हुई थी मौत

    इस घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि करीब डेढ़ वर्ष पहले कोटरंका के बडाल इलाके में भी ऐसे ही एक रहस्यमय मामले में एक ही परिवार के 10 सदस्यों सहित गांव में कुल 17 लोगों की मौत हुई थी। लंबे समय तक जांच के बावजूद उस मामले की गुत्थी पूरी तरह नहीं सुलझ पाई थी।

    जंगली मशरूम की प्रजातियों की संख्या हजारों में होती है। इनकी कुल संख्या बताना संभव नहीं है क्योंकि इस पर आज तक कोई व्यापक शोध अध्ययन उपलब्ध नहीं है। अधिकांश लोग अपने पूर्वजों द्वारा दिखाई गई मशरूम ही एकत्र करते हैं, लेकिन गलत पहचान के कारण जहरीली मशरूम का सेवन हो जाता है, जिससे फूड पाइजनिंग और जानलेवा स्थिति तक पैदा हो सकती है। जब तक लोगों को इसकी पूरी और सही जानकारी नहीं होती, तब तक जंगली मशरूम का सेवन नहीं करना चाहिए। केवल वही मशरूम खानी चाहिए, जो घर में नियंत्रित परिस्थितियों में उगाई गई हो। -डॉ. सचिन गुप्ता, विशेषज्ञ, स्कास्ट जम्मू