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'मेरे साथ ही क्यों? 30 बार शपथ में बुलाया लेकिन...', उमर सरकार में मंत्री नहीं बनाए जाने पर छलका 7 बार के MLA का दर्द

Published: Tue, 27 Oct 2026 12:22 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए चार नए मंत्रियों को शपथ दिलाई, जिनमें अली ...और पढ़ें

मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने पर छलका उमर के विधायक का दर्द। फाइल फोटो

मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने पर छलका उमर के विधायक का दर्द। फाइल फोटो

HighLights

  1. उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में चार नए मंत्री शामिल किए

  2. अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस, अल्ताफ वानी ने शपथ ली

  3. वरिष्ठ विधायक मुबारक गुल को मंत्री पद न मिलने पर निराशा हुई

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए मंगलवार को चार नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। ये चारों नए चेहरे- अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी (कल्लू) कश्मीर घाटी से हैं।

वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक मुबारक गुल को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। जिससे वह काफी ज्यादा दुखी नजर आ रहे हैं।

मंत्री पद से वंचित रहने पर छलका विधायक मुबारक गुल का दर्द

विधायक मुबारक गुल ने कहा, 'मैं बहुत दुखी हूं। मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है। मैं पहले भी ड्रॉप किया गया था और इस बार फिर से ड्रॉप कर दिया गया हूं। मैंने कोई 30 बार शपथग्रहण समारोहों में भाग लिया है, लेकिन मुझे कभी मंत्री के तौर शपथ लेने का मौका नहीं दिया गया।'

बता दें कि पूर्व मंत्री और सात बार के विधायक सागर पहली बार 1983 में बटमालू सीट से जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुने गए थे। 1987 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत हासिल की। बाद में, सागर खानयार चले गए और 1996 में वहां से चुनाव जीता। नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के महासचिव सागर कभी कोई विधानसभा चुनाव नहीं हारे हैं। 2024 में, सागर ने खानयार सीट से श्रीनगर के पूर्व डिप्टी मेयर शेख इमरान को 9912 वोटों के अंतर से हराया था।

शमीमा फिरदौस पहली बार बनी मंत्री

इमरान ने इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया था। मीर, जो उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, परिसीमन के बाद 2024 के विधानसभा चुनावों में त्रेहगाम सीट से चुने गए। पहलगाम के विधायक वानी और हब्बाकदल की विधायक फिरदौस ने पहली बार मंत्री के रूप में शपथ ली।

वानी दो बार पहलगाम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जबकि फिरदौस 2024 में तीसरी बार हब्बाकदल निर्वाचन क्षेत्र से चुनी गईं। पार्टी की महिला शाखा की अध्यक्ष फिरदौस, सकीना इट्टू के बाद अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाली दूसरी महिला हैं। जहां सागर ने उर्दू में शपथ ली, वहीं सैफुल्ला, फिरदौस और वानी ने अंग्रेजी में शपथ ली।

मंत्रिमंडल विस्तार से पहले, सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस समारोह में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर, विपक्ष के नेता सुनील शर्मा, NC अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के साथ-साथ सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी दलों - PDP और BJP - के विधायक भी मौजूद थे।

अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली कैबिनेट में इससे पहले छह सदस्य थे। नियमों के अनुसार, किसी केंद्र शासित प्रदेश (UT) में मंत्रिमंडल का आकार विधानसभा की कुल सदस्य संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत हो सकता है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की सदस्य संख्या 90 है। सरकार की सहयोगी पार्टी कांग्रेस ने खुद को मंत्रिमंडल से दूर रखा है और अपने इस रुख पर कायम है कि जब तक राज्य का दर्जा बहाल नहीं हो जाता, तब तक वह मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं होगी।

(सामाचार एजेंसी पीटीआई की इनपुट के साथ।)

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