'उनके आंसू पोंछेंगे, पर...', उमर कैबिनेट में जगह न पाने वाले विधायकों पर बोले सुनील शर्मा, नए मंत्रियों को दी सलाह
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने जम्मू-कश्मीर कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद से चूके विधायकों का समर्थन किया। उन्होंने नए मंत्रियों ...और पढ़ें

कैबिनेट में जगह नहीं मिलने वाले विधायकों के समर्थन में उतरे नेता प्रतिपक्ष। (फाइल फोटो)
HighLights
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने विधायकों का समर्थन किया।
नए मंत्रियों को जनता के मुद्दों पर ध्यान देने की सलाह।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को नाराजगी दूर करने को कहा।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार के बाद जहां नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण से सरकार में नई शुरुआत की उम्मीदें हैं, वहीं मंत्री पद से चूकने वाले विधायकों की नाराजगी भी चर्चा में आ गई है। इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने इन विधायकों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा है कि वह उनके आंसू पोंछेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन विधायकों की नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की भी है। साथ ही, उन्होंने नए मंत्रियों को राजनीतिक खींचतान से बाहर निकलकर आम लोगों के मुद्दों पर काम करने की सलाह दी।
नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुनील शर्मा ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंत्री अपने पद की जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएंगे और जम्मू-कश्मीर के लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे।
राजनीतिक विवाद छोड़ जनहित पर ध्यान दें मंत्री, शर्मा ने दी नसीहत
शर्मा ने कहा कि नए मंत्रियों को जनता की सेवा के लिए मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने सरकार में चल रही राजनीतिक खींचतान से बाहर निकलने की जरूरत पर जोर दिया।
उनका कहना था कि मंत्रियों का ध्यान राजनीतिक विवादों के बजाय आम लोगों की परेशानियों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर होना चाहिए। उनके इस बयान को कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार के कामकाज और राजनीतिक माहौल को लेकर दिए गए संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
'आंसू पोंछना उमर साहब की भी जिम्मेदारी'
कैबिनेट में जगह नहीं मिलने वाले विधायकों का जिक्र करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उनकी नाराजगी दूर करने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने खुद भी ऐसे विधायकों के साथ खड़े रहने की बात कही।
सुनील शर्मा ने कहा कि मैं उनके आंसू पोंछूंगा, लेकिन उन आंसुओं को पोंछना उमर साहब की जिम्मेदारी है। हम भी उनके आंसू पोंछेंगे। उनके इस बयान ने कैबिनेट में शामिल किए गए विधायकों के साथ-साथ मंत्री पद से वंचित रह गए नेताओं के राजनीतिक भविष्य और उनकी नाराजगी के मुद्दे को भी चर्चा में ला दिया है। हालांकि, शर्मा ने किसी विधायक का नाम लेकर यह नहीं बताया कि कौन नाराज है या किसे मंत्री पद मिलने की उम्मीद थी।
सरकार के भीतर मतभेदों की खबरों और सरकार गिरने की अटकलों पर पूछे गए सवालों के जवाब में सुनील शर्मा ने जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह को हुए अभी मुश्किल से एक घंटा ही बीता है। अभी धैर्य रखें, इतनी जल्दबाजी न करें।
