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    वेटर-पेंटर और शेयर मार्केट एक्सपर्ट... किसी भी रूप में छिपे हो सकते हैं टेररिस्ट; पूछताछ में लश्कर के आतंकी ने खोले राज

    Updated: Mon, 20 Apr 2026 10:42 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न भेषों में देश में नेटवर्क का विस्तार कर रहे थे। पूछताछ में पता चला ...और पढ़ें

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    भारत में 16 साल से भेष बदलकर छिपा था लश्कर का आतंकी, पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे। फोटो सोर्स- सोशल मीडिया।

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर से बाहर देश के अन्य भागों अपने नेटवर्क का विस्तार करने में जुटे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी किसी भी भेष में मिल सकते हैं। होटल में वेटर और खानसामे से लेकर शेयर ट्रेडिंग करने वाले तक, विदेशी आतंकी हो सकते हैं।

    यह किसी को डराने की बात नहीं है, यह सचेत करने का विषय है, क्योंकि जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा पकड़े गए दो पाकिस्तानी आतंकियों अबु हुरैरा और खुबैब की पूछताछ में यही खुलासा हुआ है। हुरैरा बीते 16 वर्ष से भारत में सक्रिय था और वह कभी पलंबर बनकर काम करता था तो कभी ढाबा चलाता था। जब वह पकड़ा गया तो उस समय वह शेयर कारोबार में लोगों का पैसा निवेश करा रहा था।

    अबु हुरैरा और खुबैब को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियो के सहयोग से गत मार्च में मलेरकोटला, पंजाब से पकड़ा था। हुरैरा ने वर्ष 2010 मेंकश्मीर में घुसपैठ की थी। उसने कश्मीर से बाहर पंजाब,हरियाणा,दिल्ली और राजस्थान में अपने नेटवर्क का विस्तार करना शुरू कर दिया था। उसका एक अन्य साथी उमर उर्फ खरगोश भी एक लंबे समय तक कश्मीर में सक्रिय रहा।

    इससे पहले की सुरक्षा एजेंसियां उसे पकड़ती, वह राजस्थान से फर्जी पासपोर्ट बनवा इंडोनेशिया के रास्ते कथित तौर पर सऊदी अरब पहुंच चुकाथा। हुरैरा और खुबैब भी विदेश भागने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।

    हुरैरा ने अपनी पूछताछ में बताया कि उसने कश्मीर में अपने ओवरग्राउंड वर्कर नेटवर्क की मदद से स्थानीय लोगों में घु़लने मिलने के लिए कभी किसी जगह दिहाड़ी पर काम किया तो किसी जगह उसने पलम्बर बनकर लोगों के घरों और होटलों में काम किया। हुरैरा व खुबैब के तीन स्थानीय कश्मीरी साथी भी पकड़े गए हैं।

    हुरैरा ने बताया कि उसने पाकिस्तान से कश्मीर में घुसपैठ करने से पूर्व प्लम्बिंग का काम सीखा था। कश्मीर में उसने इसका लाभ उठाया। उसने अपने साथी उमर उर्फ खरगोश उर्फ हारिस के ओवरग्राउंड नेटवर्क की मदद से अपने लिए एक आधार कार्ड और पैनकार्ड भी बनवाया। इससे वह बैंक में खाता खुलवाने में भी कामयाब रहा।

    पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के रहने वाले हुरैरा उर्फ अब्दुल्ला ने बताया कि कश्मीर में लोग उसे भारतीय पंजाब का नागरिक मानते थे, क्योंकि पंजाब के बहुत से लोग कश्मीर में ही काम करते हैं। उसने बताया कि उसे कश्मीर से बाहर पंजाब और अन्य जगहों पर लश्कर का नेटवर्क तैयार करने का जिम्मा मिला था। वह अमृतसर गया और वहां कुछ समय तक रहा, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां के डर से उसने अमृतसर छोड़ दिया और मलेरकोटला पहुंच गया। वह राजस्थान और हरियाणा में भी अकसर आता-जाता था और उसने वहां भी कई लोगों के साथ संपर्क किया।

    पूछताछ में हुरैरा ने बताया कि उसने पेंटर और इलैक्ट्रिशियन के रूप में भी काम किया। उसने एक ढाबा भी खोला, लेकिन उसमें घाटा होने पर उसने उसे बंद कर दिया। इस दौरान उसने यू-टयूब से स्टॉक ट्रेडिंग, शेयर बाजार का काम सीखा और पैसा लगाया। इसमें उसे लाभ भी हुआ औ उसने खुद भी बाजार में निवेश करने के साथ-साथ अपनी जान पहचान में आने वाले लोगों का पैसा भी शेयर मार्केट में लगवाना शुरू कर दिया।

    वह यू-टयूब के माध्यम से भी लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के बारे में जानकारी देता था। गिरफ्तारी के समय उसके डीमैट अकाउंट में 50,000 रुपये से ज्यादा की धनराशि भी मिली है।

    इस बीच, संबधित सूत्रों ने बताया कि उमर उर्फ हारिस उर्फ खरगोश को भी विदेश भारत लाने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हुरैरा व उसके साथियों ने कश्मीर से लेकर राजस्थान तक अपना एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया था। उन्होंने अपने लिए जाली दस्तावेज भी बनवाए। उनकी मदद करने के आरोपित तत्वों को चिह्नित कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा रहा है।

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