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    अमरनाथ यात्रा में नारी शक्ति का जलवा, दुर्गम रास्तों पर पुरुषों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन को आ रहीं महिला श्रद्धालु

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 11:24 PM (IST)

    श्री अमरनाथ जी यात्रा में नारी शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन दिख रहा है, जहाँ 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं में लगभग 50% महिलाएँ हैं। ये महिलाएँ, कठिन हिमालयी ...और पढ़ें

    अमरनाथ यात्रा में नारी शक्ति का जलवा। फाइल फोटो

    अमरनाथ यात्रा में नारी शक्ति का जलवा। फाइल फोटो

    HighLights

    1. अमरनाथ यात्रा में 3 लाख से अधिक श्रद्धालु, आधी महिलाएँ।

    2. 20 से 80 वर्ष की महिलाएँ उत्साह से कर रहीं यात्रा।

    3. दुर्गम रास्तों पर नारी शक्ति का अदम्य साहस और भक्ति।

    रजिया नूर, श्रीनगर। श्री अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा बालटाल व पहलगाम दोनों यात्रा मार्गों से सुचारु व शांतिपूर्वक ढंग से जारी है और इस पवित्र लेकिन दुर्गम यात्रा में नारी शक्ति भी अपना दमखम दिखा रही हैं और 3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं में से महिला श्रद्धालुओं की संख्या 50 प्रतिशत के करीब दर्ज की गई और यह सिलसिला अभी जारी है।

    महिलाएं जिनमें 20-22 वर्ष आयु से लेकर 70-80 वर्ष तक की महिलाएं हिमालय पहाड़ियों की तीखी ढलानों व पथरीली पगडंडियों पर बम बम भोले के जयकारी लगा भोले के दर्शनों के लिए उत्साह के साथ कदम बढाती नजर आ रही है। इनमें से अधिकांश महिला श्रद्धालु एक से अधिक बार बाबा के दर्शन कर चुकी होती हैं।

    कानपुर से भोले के दर्शनों के लिए आई पुष्पा देवी नामक एक 67 वर्षीय महिला श्रद्धालु ने कहा,यह मेरी दूसरी यात्रा है। इससे पहले में 2008 में बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए आई थी। मुझे याद है,तब यहां यात्रा के दौरान अशांति फैली हुई थी।

    लेकिन हमने अपनी यात्रा जैसे तैसे कर पूरी कर ली। आज दूसरी बार आई हूं। मैंने सोचा जीवन की सांझ ढलने वाली है। अब शायद आगे भगवान मौका ना दें।। पुष्पा देवी ने कहा,हालांकि मेरा स्वास्थ्य अब ठीक नही रहता है। लेकिन मैं भोले के प्रेम में यहां चली आई।

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    मुंबई से अपने परिवार संग तीर्थ यात्रा पर आई 52 वर्षीय सरीता शुकला नामक एक अन्य महिला श्रद्धालु ने कहा, भगवान की कृपा से मैंने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। पहलगाम रास्ते से हमने यात्रा की।यात्रा दुर्गम है। लेकिन हमारी आस्था मजबूत है।

    इस आस्था व उत्साह ने हमें रास्ते में आेने वाली कठिनाइयों को महसूस नही होनी दी। सरीता ने कहा,भगवान ने महिलाओं में काफी सहन शक्ति रखी हैं। इसी सहनशक्ति के साथ हमने यह कठिन यात्रा की और भगवान की कृपया से सब कुछ ठीक से हो गया। सरीता ने कहा,यह मेरी अमरनाथ जी की पहली तीर्थयात्रा है और भगवान ने चाहा हो अगले वर्ष फिर से बाबा के चरणों में हाजिरी दूंगी।

    कानपुर से यात्रा करने आए इशा बारगे नामक एक 30 वर्षीय महिला ने कहा,मेरी पहली यात्रा है। मुझे अच्छा लगा,आध्यातमिकता का यह सफर यहां आए हजारों श्रद्धालुओं के साथ तय करते हुए और मुझे सब से ज्यादा इस बात की खुशी है कि इस तीर्थयात्रा में महिला श्रद्धालु भी उत्साह के साथ इस यात्रा में शामिल है।

    इशा ने कहा,मैं प्रशासन का आभार जताती हूं कि इस यात्रा में श्रद्धालुओं विशेषकर हम महिला श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुविधाएं उपलब्ध रखी हैं और बतौर महिला श्रद्धालु मुझे इस यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कोई दिक्कत नही हुई।

    सनद रहे कि 3 जुलाई से शुरू हुई इस के 15 दिन मुकम्मल हुए और 57 दिनों पर आधारित इस पवित्र यात्रा में अभी तक 3 लाख से अधिक श्रद्धालु जिनमें सरकारी आंकड़ों के अनुसार महिला श्रद्धालु की संख्या 45 प्रतिशत के करीब है,पवित्र गुफा के दर्शन कर चुकी है। सनद रहे कि यह यात्रा 28 अगस्त को संपन्न हो रही है।