Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    CISF में बड़ी प्रशासनिक हलचल: तेज-तर्रार IPS सोनिया नारंग और अभिषेक गोयल का सेवा विस्तार, केंद्र सरकार का आदेश जारी

    Updated: Tue, 26 May 2026 10:25 PM (IST)

    केंद्रीय मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति ने सीआइएसएफ में प्रतिनियुक्ति पर तैनात दो वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों, सोनिया नारंग और अभिषेक गोयल, के कार्यकाल में ...और पढ़ें

    preferred source google
    News Article Hero Image

    सीआइएसएफ के महानिरीक्षक सोनिया नारंग और अभिषेक गोयल का सेवा विस्तार।

    HighLights

    1. सीआइएसएफ में दो आइपीएस अधिकारियों का कार्यकाल बढ़ा।

    2. सोनिया नारंग और अभिषेक गोयल को एक साल का विस्तार।

    3. केंद्रीय मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति ने आदेश जारी किया।

    जागरण संवाददाता, बोकारो। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में प्रतिनियुक्ति पर तैनात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यकाल में एक वर्ष का सेवा विस्तार किया गया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (एसीसी) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

    राहत पाने वाले अधिकारियों में कर्नाटक कैडर की 2002 बैच की आईपीएस अधिकारी सोनिया नारंग और इसी कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक गोयल शामिल हैं। ये दोनों अधिकारी वर्तमान में नई दिल्ली स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय में महानिरीक्षक (आईजी) के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

    आईपीएस सोनिया नारंग सितंबर 2020 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आई थीं और बाद में उन्हें सीआईएसएफ में आईजी के पद पर नियुक्त किया गया था। उनका तय कार्यकाल इस वर्ष 6 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा था, जिसे अब केंद्रीय समिति ने अगले एक वर्ष यानी 6 अप्रैल 2027 तक के लिए बढ़ा दिया है।

    इसी तरह, आईपीएस अभिषेक गोयल मार्च 2021 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और वर्तमान में सीआईएसएफ में महानिरीक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उनका प्रतिनियुक्ति कार्यकाल भी इसी वर्ष 18 मार्च 2026 को पूरा हो रहा था।

    कैबिनेट नियुक्ति समिति ने उनके सेवा रिकॉर्ड और कार्यकुशलता को देखते हुए कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी है, जिसके बाद अब वह 18 मार्च 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे।

    कर्नाटक कैडर के इन दोनों ही आईपीएस अधिकारियों की गिनती पुलिस महकमे में बेहद तेज-तर्रार और कुशल नीति निर्धारकों में होती है, इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें इस महत्वपूर्ण सुरक्षा बल में बनाए रखने का निर्णय लिया है।

    यह भी पढ़ें- झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी: रांची में 24 घंटे खुला रहेगा शिकायत केंद्र

    यह भी पढ़ें- गैंगस्टर विकास तिवारी और अमन श्रीवास्तव को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत, रंगदारी मामले में मिली जमानत

    खबरें और भी