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सेवा का संकल्प लेकर देवघर पहुंचे देशभर के डॉक्टर-स्टूडेंट, थके कांवरियों के दर्द पर लगा रहे मरहम

Updated: Wed, 12 Aug 2026 06:30 PM (IST)

देवघर के श्रावणी मेले में देशभर से आए डॉक्टर और मेडिकल छात्र नेशनल मेडिकोज के शिविर में कांवरियों को निःशुल्क चिकित्सा सेवा दे रहे हैं।

श्रावणी मेले में कांवरियों की सेवा कर रहे मेडिकोज। (फोटो जागरण)

श्रावणी मेले में कांवरियों की सेवा कर रहे मेडिकोज। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. देशभर के डॉक्टर-छात्र श्रावणी मेले में दे रहे निःशुल्क सेवा।

  2. नेशनल मेडिकोज संगठन कांवरियों को चिकित्सा सहायता प्रदान कर रहा।

  3. सेवा और समर्पण भाव से थके भक्तों की मदद।

आरसी सिन्हा, देवघर। झारखंड के देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 चल रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस मेले में बाबा बैद्यनाथ को जलाभिषेक करने के लिए प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

ज्यादातर श्रद्धालु बिहार के सुल्तानगंज से पैदल गंगाजल लेकर कांवर यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं। देवघर में देश के विभिन्न प्रांतों से मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट और डॉक्टर नेशनल मेडिकोज के शिविर में जरूरतमंद भक्तों की सेवा कर रहे हैं।

इनमें केरल, भोपाल, चंडीगढ़, एमजीएम जमशेदपुर और देवघर एम्स के चिकित्सक शामिल हैं। ये सभी अपनी इच्छा से यहां आते हैं और तीन से चार दिन तक सेवा करते हैं।

भोपाल मेडिकल कॉलेज की फाइनल ईयर की छात्रा अदिति ने बताया कि वह अपने खर्च पर देवघर आई हैं। पहली बार श्रावणी मेले में सेवा करने का अवसर मिला है। मेडिकोज से जुड़ने का मकसद यही है कि संस्था का कॉल आने पर सेवा के लिए जाना है। देशभर में कहीं भी जाना हो तो जाएंगी।

उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक लाचार महिला कतार में लगी थी। उसके पैर में बहुत दर्द था और वह चल नहीं पा रही थी। उस पर नजर पड़ते ही वह महिला बम के पास गईं और उसके पैर में स्प्रे किया।

इसके बाद वह मुस्कुराने लगी और आगे बढ़ गई। उन्होंने कहा कि यही इस संगठन से जुड़कर सेवा करने का मकसद है। मेडिकोज के जिलाध्यक्ष डॉ. गोपालजी शरण अपने स्तर से देवघर आए डॉक्टरों के रहने-खाने का इंतजाम करते हैं।

उन्होंने अपना एक मकान ही सेवा के लिए समर्पित कर दिया है। उनका कहना है कि थके-हारे कांवरियों को कतार में खोजकर उन्हें कतार से बाहर निकालकर मालिश और चिकित्सा सेवा दी जाती है।

मेडिकोज का मकसद ही लाचार बम की सेवा कर उन्हें बाबा के दरबार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोई लाचार बम आएगा, तभी सेवा देंगे। हमें उनके पास चलकर जाना है।

चिकित्सक बनने का सपना जब मन में आकार लेता है, तभी जीवन का संकल्प समाजसेवा में बदल जाता है। देवघर में श्रावणी मेला सेवा और समर्पण का एक बड़ा प्लेटफॉर्म है। राष्ट्रीय स्तर की संस्था जलसार पार्क के निकट सेवा दे रही है।

सेवा संकल्प से संगठन पहुंचा बाबाधाम 

नेशनल मेडिकोज अपने स्थापना के 46 साल बाद श्रावणी मेला में भक्तों को निश्शुल्क सेवा देने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय स्तर के इस संगठन के मकसद में एक चारधाम यात्रा को जाने वाले श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और शिविर लगाकर सेवा देना भी है। 

डा.गोपालजी शरण तीन साल पहले एक सदस्य के नाते प्रस्ताव रखा कि देवघर में विश्व प्रसिद्ध् श्रावणी मेला लगता है। शिविर लगाकर सेवा करनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवा, राष्ट्र सेवा के मकसद से स्थापित संगठन के अग्रिम पंक्ति के लोगों ने सहर्ष स्वीकार किया।

संप्रति डा.गोपालजी शरण जिलाध्यक्ष हैं और पूरे मनोयोग से जुटे हैं। शिविर एक हिस्से में फलाहार का भी इंतजाम होता है।

सेवा करने कहां से आए 

आरकेडीएफ मेडिकल कालेज, भोपाल,एनएमसीएच सासाराम, रिम्स रांची, एमजीएम जमशेदपुर, भिलवाड़ा मेडिकल कालेज, एमएलबी मेडिकल कालेज झांसी, पीएमसीएच धनबाद।

अभी तक जिन चिकित्सकों ने सेवा दी है उसमें डा पलक जोशी, रिचापाल बिंदा, अभिषेक चौधरी व अन्य हैं। तीन से चार दिन की सेवा देकर वापस लौट चुके हैं। 

नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन

स्वास्थ्य सेवा, राष्ट्र सेवा के मकसद से 1977 में स्थापित संस्था का नाम है नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन। जिसे संक्षिप्त में एनएमओ के नाम से जाना जाता है। यह भारत के चिकित्सा पेशेवरों और छात्रों का एक प्रमुख सामाजिक संगठन है।

इसकी स्थापना का एक ही लक्ष्य है कि संगठन से जुड़े सदस्य देश के वंचित, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएं।

संगठन के मुख्य उद्देश्य में एक चारधाम यात्रा सेवा भी है। जो चारधाम यात्रा के जाने वाले श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और शिविर लगाकर सेवा देना भी है।