झरिया में भीषण भू-धंसान: तेज धमाके के साथ जमीन धंसी, घर का हिस्सा विशाल गोफ में समाया
Jharia News: लिलोरी पथरा बालूगद्दा में जोरदार धमाके के साथ जमीन धंसने से एक विशाल गोफ बन गया, जिससे आसपास ...और पढ़ें

झरिया के लोदगा में गोफ को देखते लोग। (फोटो जागरण)
HighLights
लिलोरी पथरा में जोरदार भू-धसान, घर के सामने बना विशाल गोफ।
गोफ से गैस रिसाव, भूमिगत आग से ग्रामीणों में भारी दहशत।
बीसीसीएल पर लापरवाही, 182 परिवारों के तत्काल पुनर्वास की मांग।
संवाद सूत्र, लोदना (धनबाद)। झरिया कोयलांचल में भू-धंसान और भूमिगत आग की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। रविवार को बीसीसीएल लोदना क्षेत्र संख्या 10 अंतर्गत लिलोरी पथरा बालूगद्दा में भीषण भू-धंसान की घटना हुई।
स्थानीय निवासी सुमित कुमार के घर के ठीक दरवाजे के पास अचानक तेज धमाके के साथ जमीन धंस गई, जिससे देखते ही देखते एक विशाल गोफ बन गया। उसे आवास का आगे की हिस्सा समा गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के कई मकानों में गहरी दरारें आ गईं।
बाल-बाल बची जान, सामान समेट भागने लगे लोग
भुक्तभोगी सुमित कुमार ने बताया कि घटना के वक्त पास में ही किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था। शोर सुनकर वह देखने के लिए बाहर निकले थे, तभी तेज आवाज के साथ उनके दरवाजे की जमीन धंस गई।
उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि वे घर के बाहर थे। वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। घटना के बाद घबराए ग्रामीण अपने-अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
गैस के रिसाव से बढ़ी चिंता
गोफ बनने के बाद उससे लगातार गैस का रिसाव हो रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भूगर्भ में भूमिगत आग धधक रही है, जिसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गैस रिसाव और दरकती दीवारों के बीच ग्रामीण भारी दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि कतरास के सोनारडीह और छाताबाद की घटनाओं के बावजूद प्रबंधन कोई सबक नहीं ले रहा है।
क्षेत्र का सर्वे पूरा होने और प्रभावित परिवारों की पहचान के बाद भी पुनर्वास कार्य केवल कागजों तक सीमित है। 182 प्रभावित परिवारों की सूची तैयार होने के बावजूद उन्हें बेलगाड़िया टाउनशिप में शिफ्ट करने में देरी की जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने दो टूक चेतावनी देते हुए मांग की है कि सभी प्रभावित 182 परिवारों को बिना किसी देरी के सुरक्षित बेलगाड़िया टाउनशिप में पुनर्वासित किया जाए। ताकि किसी बड़ी मानवीय त्रासदी को टाला जा सके।
