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    पूर्वी सिंहभूम जिले में 65.7% बच्चे ANEMIA के शिकार, सिविल सर्जन ने जताई कड़ी चिंता

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 09:08 PM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम जिले में 65.7% बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं, जिस पर सिविल सर्जन ने गहरी चिंता जताई है। एनीमिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंतित कर दिया है, क्योंकि यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान और शिविरों के माध्यम से इस समस्या से निपटने के लिए प्रयासरत है और प्रभावित बच्चों को सहायता प्रदान कर रहा है।

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    फाइल फोटो ।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों में एनीमिया की स्थिति चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार जिले के 65.7 प्रतिशत बच्चे एनीमिया से प्रभावित हैं। 
     
    इस alarming स्थिति पर जिले के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। इसे विभागीय लापरवाही का परिणाम बताया है। 
     
    सिविल सर्जन ने स्पष्ट कहा कि पहले एनीमिया नियंत्रण संबंधी गतिविधियां सही दिशा में चल रही थीं, लेकिन पिछले कुछ महीनों से इसकी गति धीमी पड़ी है, जो किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं। 
     
    उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्‍होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में यदि लापरवाही सामने आई, तो कड़ी कार्रवाई होगी। 

    बैठक में निर्णय लिया गया कि एनीमिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और परिवार कल्याण विभाग संयुक्त रूप से मिशन मोड में काम करेंगे। छह माह से 59 माह तक के बच्चों की नियमित जांच, फॉलो-अप, और आयरन सप्लीमेंटेशन पर विशेष फोकस किया जाएगा।

    स्कूलों में भी हर बुधवार आयरन की दवा बच्चों को दी जाएगी। ताकि उनकी हेमोग्लोबिन स्थिति की सतत निगरानी की जा सके और समय रहते एनीमिया पर नियंत्रण पाया जा सके।

    डॉ. साहिर पाल ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के सभी दिशा-निर्देशों के सख्त अनुपालन पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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