लोन की किस्त टूटने पर रिकवरी एजेंटों की मनमानी नहीं चलेगी: एएसपी बोले- 'रास्ते में गाड़ी रोकना डकैती'
जमशेदपुर के एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने स्पष्ट किया है कि लोन की किस्तें बकाया होने पर रिकवरी एजेंटों द्वारा जबरन वाहन जब्त करना गैरकानूनी है। उन्होंने वाहन ...और पढ़ें

रिकवरी एजेंटों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई की जानकारी देते जमशेदपुर एएसपी ऋषभ त्रिवेदी।
HighLights
वाहन जब्त करने के केवल तीन कानूनी तरीके हैं।
बदसलूकी होने पर पुलिस या RBI से शिकायत करें।
रास्ते में गाड़ी रोकना और चाबी छीनना डकैती की श्रेणी में
वाहन जब्ती के केवल 3 कानूनी तरीके, जानिए अपने अधिकार:
एएसपी ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और न्यायालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, कोई भी कंपनी केवल तीन कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही वाहन जब्त कर सकती है:
- न्यायालय के जरिए: कंपनी को कोर्ट में रिकवरी सूट दायर करना होगा और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही वाहन की जब्ती होगी।
- सर्फेसी एक्ट (SARFAESI Act): इस कानून के तहत कार्यपालक दंडाधिकारी (Executive Magistrate) के लिखित निर्देश और आदेश पर ही कार्रवाई संभव है।
- स्वेच्छा से सरेंडर: यदि वाहन मालिक खुद अपनी मर्जी से गाड़ी कंपनी को सौंप दे।
नोट: इन तीन तरीकों के अलावा रास्ते में गाड़ी रोकना, घर या दफ्तर से जबरन गाड़ी उठाना पूरी तरह अवैध है।
बदसलूकी होने पर यहां करें शिकायत
एएसपी ने कहा कि जमशेदपुर में सिर्फ कानून का राज चलेगा। पुलिस जल्द ही शहर की सभी फाइनेंस कंपनियों और उनके रिकवरी एजेंटों के प्रोफाइल की जांच के लिए एक विशेष छापामारी अभियान शुरू करने जा रही है।
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