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    लोन की किस्त टूटने पर रिकवरी एजेंटों की मनमानी नहीं चलेगी: एएसपी बोले- 'रास्ते में गाड़ी रोकना डकैती'

    Updated: Thu, 21 May 2026 09:00 PM (IST)

    जमशेदपुर के एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने स्पष्ट किया है कि लोन की किस्तें बकाया होने पर रिकवरी एजेंटों द्वारा जबरन वाहन जब्त करना गैरकानूनी है। उन्होंने वाहन ...और पढ़ें

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    रिकवरी एजेंटों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई की जानकारी देते जमशेदपुर एएसपी ऋषभ त्रिवेदी।

    HighLights

    1. वाहन जब्त करने के केवल तीन कानूनी तरीके हैं।

    2. बदसलूकी होने पर पुलिस या RBI से शिकायत करें।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। अगर आपने किसी बैंक या निजी फाइनेंस कंपनी से लोन पर कार, बाइक या कोई कमर्शियल वाहन लिया है और किसी वजह से आपकी किस्तें (EMIs) बकाया हो गई हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। 
     
    जमशेदपुर के एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने वाहन मालिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि फाइनेंस कंपनियों द्वारा बाहुबलियों या रिकवरी एजेंटों के जरिए जबरन वाहन को कब्जे में लेना गैरकानूनी है।
     

    रास्ते में गाड़ी रोकना और चाबी छीनना डकैती की श्रेणी में 

    एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने कहा कि अक्सर लोग जरूरत के समय लोन ले लेते हैं, लेकिन व्यापार में घाटा, नौकरी छूटने या किसी पारिवारिक संकट के कारण कभी-कभी किस्तें टूट जाती हैं। ऐसी स्थिति में फाइनेंस कंपनियां नियमों को ताक पर रखकर रिकवरी एजेंटों को भेज देती हैं। 
     
    ये एजेंट बीच सड़क पर वाहन रोककर चाबी छीन लेते हैं और गाली-गलौज, मारपीट या धमकी देकर गाड़ी उठा ले जाते हैं। एएसपी ने साफ कहा कि माननीय न्यायालय के आदेशानुसार यह कृत्य जबरन वसूली (Extortion) और डकैती की श्रेणी में आता है।
     

    वाहन जब्ती के केवल 3 कानूनी तरीके, जानिए अपने अधिकार: 

    एएसपी ने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और न्यायालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, कोई भी कंपनी केवल तीन कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही वाहन जब्त कर सकती है:

    •     न्यायालय के जरिए: कंपनी को कोर्ट में रिकवरी सूट दायर करना होगा और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही वाहन की जब्ती होगी।
    •     सर्फेसी एक्ट (SARFAESI Act): इस कानून के तहत कार्यपालक दंडाधिकारी (Executive Magistrate) के लिखित निर्देश और आदेश पर ही कार्रवाई संभव है। 
    •     स्वेच्छा से सरेंडर: यदि वाहन मालिक खुद अपनी मर्जी से गाड़ी कंपनी को सौंप दे। 

    नोट: इन तीन तरीकों के अलावा रास्ते में गाड़ी रोकना, घर या दफ्तर से जबरन गाड़ी उठाना पूरी तरह अवैध है।  

     

    बदसलूकी होने पर यहां करें शिकायत

    एएसपी ने कहा कि जमशेदपुर में सिर्फ कानून का राज चलेगा। पुलिस जल्द ही शहर की सभी फाइनेंस कंपनियों और उनके रिकवरी एजेंटों के प्रोफाइल की जांच के लिए एक विशेष छापामारी अभियान शुरू करने जा रही है।

    उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई भी रिकवरी एजेंट आपके साथ बदसलूकी करता है या जबरन गाड़ी छीनने की कोशिश करता है, तो डरे नहीं। तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन, पीसीआर या हेल्पलाइन पर सूचना दें। 
     
    इसके अलावा, ग्राहक इसकी शिकायत RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) से भी कर सकते हैं।

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