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    मयूरभंज में कोहराम: आश्रम स्कूल में जहरीला खाना खाने से 100 बच्चे बीमार, एक छात्रा की मौत के बाद बवाल

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 07:20 PM (IST)

    ओडिशा के रायरंगपुर के काकाबंध आश्रम स्कूल में विषाक्त भोजन से सैकड़ों छात्र बीमार पड़ गए, जिससे एक 12 वर्षीय छात्रा रूपाली बेश्रा की मौत हो गई। इस घटन ...और पढ़ें

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    ओडिशा के आश्रम स्कूल में विषाक्त भोजन से छात्रा की मौत, मयूरभंज में बंद का एलान। (फोटो: जागरण)

    संवाद सूत्र,जागरण, रायरंगपुर। ओडिशा के मयूरभंज जिले के रासगोबिंदपुर क्षेत्र स्थित काकाबंध आश्रम स्कूल में विषाक्त भोजन खाने से सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार हो गए, जबकि उपचार के दौरान एक पांचवीं कक्षा की छात्रा की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

    मृत छात्रा की पहचान 12 वर्षीय रुपाली बेश्रा के रूप में हुई है, जिसने बारिपदा जिला मुख्य चिकित्सालय में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार, दो दिन पूर्व स्कूल हॉस्टल में भोजन करने के बाद करीब 146 छात्र-छात्राएं उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द की शिकायत से बीमार पड़ गए। सभी को पहले रासगोबिंदपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में 60 से अधिक बच्चों को बारिपदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।

    छात्रा की मौत की खबर फैलते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। रासगोबिंदपुर बाजार के पास सड़क जाम और स्कूल घेराव किया गया।

    स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई, जिसमें पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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    18 को बीजेडी ने किया बंद का एलान

    इधर, घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। Biju Janata Dal (बीजेडी) ने छात्रा की मौत के विरोध में शनिवार, 18 अप्रैल को मयूरभंज जिला में 12 घंटे के बंद का ऐलान किया है। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

    बारिपदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जहां मुआवजा और न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी की गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर और एसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों को 3 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

    वर्तमान में 60 से अधिक छात्र बारिपदा जिला मुख्य चिकित्सालय में तथा अन्य रासगोबिंदपुर अस्पताल में इलाजरत हैं। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश बच्चों की हालत अब स्थिर है और उनमें सुधार हो रहा है।

    प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और भोजन की गुणवत्ता व लापरवाही के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।