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    मशीन खराब होने से पहले ही मिलेगा अलर्ट! टाटा स्टील और गूगल का 'डिजिटल दिमाग' ऐसे बदल रहा है काम का अंदाज

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 08:59 PM (IST)

    टाटा स्टील ने गूगल क्लाउड के साथ मिलकर 'यूनिफाइड एजेंटिक एआई' तकनीक लागू की है, जो एआई को इंसानों की तरह सोचने और निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। Jhar ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। अब तक हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नाम सुनते ही चैटजीपीटी (ChatGPT) या जेमिनी (Gemini) जैसे टूल्स के बारे में सोचते थे, जो केवल हमारे सवालों के जवाब देते हैं। लेकिन टाटा स्टील और गूगल क्लाउड की जुगलबंदी ने उद्योग जगत की परिभाषा बदल दी है। 
     
    टाटा स्टील ने दुनिया की सबसे एडवांस 'यूनिफाइड एजेंटिक एआई' (Unified Agentic AI) तकनीक को लागू कर एक ऐसी क्रांति ला दी है, जहां एआई अब केवल बात नहीं करता, बल्कि एक इंसान की तरह सोचता है और फैसले लेता है।
     

    साधारण एआई और एजेंटिक एआई में क्या है अंतर? 

    जहां साधारण एआई आपको केवल जानकारी देता है, वहीं एजेंटिकएआई एक आभासी कर्मचारी (VirtualEmployee) की तरह कार्य करता है। इसे केवल एक लक्ष्य दिया जाता है और यह उस तक पहुंचने का रास्ता खुद तलाशता है। टाटा स्टील ने गूगल क्लाउड की मदद से ऐसे 300 से अधिक एआई एजेंट तैनात किए हैं।

    इन एजेंट्स को मैनेज करने के लिए दो प्रमुख प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं:

    •     जेन एआई (GenAI): जो डाटा का विश्लेषण करता है।
    •     टाटा स्टील डिजिटल असिस्टेंट (TDA): जो कर्मचारियों की दैनिक समस्याओं को हल करता है। 
    हैरानी की बात यह है कि इस तकनीक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जिस कर्मचारी को कोडिंग नहीं आती, वह भी अपनी जरूरत के हिसाब से अपना एआई एजेंट तैयार कर सकता है।
     

    इंसानों की तरह देख, सुन और पढ़ सकता है यह सिस्टम 

    यह तकनीक मल्टी-मॉडल एप्रोच पर आधारित है। टाटा स्टील ने गूगल के जेमिनी और पॉलिगेमा जैसे 200 से अधिक एडवांस मॉडल्स का उपयोग किया है। 
     
    ये मॉडल्स दुनिया भर की खबरों, जटिल पीडीएफ फाइलों, स्प्रेडशीट्स और यहां तक कि फोन कॉल की रिकॉर्डिंग को भी एक साथ समझ सकते हैं।
     

    करोड़ों की बचत और 'जीरो' सर्वर खर्च 

    टाटा स्टील का यह डिजिटल दिमाग वैश्विक बाजार और भू-राजनीतिक तनावों का विश्लेषण कर कच्चे माल की कीमतों की सटीक भविष्यवाणी करता है। इससे कंपनी पहले ही भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो जाती है। 
     
    इसके अलावा, यह सिस्टम गूगल क्लाउड रन इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलता है। इसकी खासियत यह है कि जब एआई काम नहीं कर रहा होता, तो सर्वर का खर्च खुद-ब-खुद जीरो हो जाता है, जिससे बिजली और डाटा की भारी बचत होती है।
     

    कारखानों में सुरक्षा और मशीनों की सेहत पर नजर 

    टाटा स्टील के लिए सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए दो विशेष एजेंट तैनात हैं:

    •     सेफ्टी आई-क्यू (Safety i-Q): यह कैमरों की लाइव फीड देखता है। अगर कोई मजदूर असुरक्षित क्षेत्र में जाता है या सुरक्षा नियमों (SOP) का उल्लंघन करता है, तो यह तुरंत अलर्ट भेजकर हादसा टाल देता है। 
    •     एसेट स्फीयर (Asset Sphere): यह एजेंट मशीनों की नब्ज पहचानता है। मशीन खराब होने से बहुत पहले ही यह उसकी मरम्मत की सलाह दे देता है, जिससे उत्पादन नहीं रुकता और करोड़ों का नुकसान बच जाता है।


    ग्राहक सेवा और बैक ऑफिस में रफ्तार 

    बैक ऑफिस के उबाऊ काम जैसे जीएसटी (GST) का हिसाब रखना, लंबे कॉन्ट्रैक्टपढ़ना और इनवॉइस पास करना अब ये एआई एजेंट सेकंडों में कर देते हैं। ग्राहकों की समस्याओं को सुलझाने के समय में 50 प्रतिशत की कमी आई है, क्योंकि एआई अब शिकायतों के साथ भेजी गई तस्वीरों को देखकर खुद ही समस्या की पहचान कर लेता है।