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    दुर्गति के बाद भी सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस का स्वभाव, आदित्य साहू का कांग्रेस पर निशाना

    Updated: Mon, 22 Jun 2026 01:13 PM (IST)

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस पर सत्ता में बने रहने के लिए हर दुर्गति सहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आत्ममंथन छोड़ भाजपा ...और पढ़ें

    आदित्य साहू ने कहा- सत्ता की भूख में जनता को पिला रही विष। (फोटो: जागरण फाइल)

    आदित्य साहू ने कहा- सत्ता की भूख में जनता को पिला रही विष। (फोटो: जागरण फाइल)

    HighLights

    1. कांग्रेस सत्ता में रहने को हर दुर्गति सहने को तैयार।

    2. भाजपा ने लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित की, कांग्रेस ने तार-तार किया।

    3. परिमल नथवाणी दो बार राज्यसभा सदस्य, बाहरी कहना गलत।

    राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी सत्ता में रहने के लिए हर तरह की दुर्गति सहने को तैयार है। कांग्रेस द्वारा भाजपा पर लगाए आरोपों को उन्होंने हताशा का परिणाम बताया।

    आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आत्ममंथन छोड़ भाजपा के खिलाफ झूठ की बयानबाजी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा चुनाव से उनकी हार का सिलसिला शुरू हो गया है, 2029 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव अभी बाकी ही है।

    साहू ने कहा कि इतनी किरकिरी के बाद भी कांग्रेस द्वारा सरकार में बने रहने वाला बयान कोई आश्चर्य पैदा नहीं करता है। इतनी दुर्गति के बावजूद भी कांग्रेस संतुष्ट है तो उनका भगवान ही मालिक है। कांग्रेस कहती है कि वह कोई भी विष पीने को तैयार है।

    वास्तविकता तो यह है कि कांग्रेस सरकार से चिपककर मलाई खाने का काम कर रही है, जबकि कांग्रेस जैसे निकम्मे दल के हाथों में शासन होने के कारण असली विष तो जनता को पीना पड़ रहा है।

    साहू ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को तार-तार करने का काम हमेशा कांग्रेस ने किया है। भाजपा ने तो इसे स्थापित करने का काम किया है। पूरा देश जानता है कि सूटकेस और नोटों की राजनीति कौन दल करता है, किनके नेताओं के यहां से नोटों का पहाड़ बरामद होता है। यह वही कांग्रेस है जिसने झारखंड आंदोलन को तीन करोड़ रुपए में खरीदने का काम किया था।

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    उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस एनडीए समर्थित जिस प्रत्याशी को बाहरी बता रही है, वो परिमल नथवाणी दो बार यहां से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। भाजपा अगर जोड़-तोड़ की राजनीति करती तो राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी देती। पार्टी ने परिमल नथवाणी को समर्थन दिया और उनकी जीत हुई।