अमित शाह की मौजूदगी में उठेगा मतांतरण की मुद्दा, दिल्ली में जुटेंगे देशभर के आदिवासी; स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम
दिल्ली के लाल किला मैदान में 24 मई को बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजाति सांस्कृतिक समागम होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मतांतरण के मुद् ...और पढ़ें

दिल्ली के लाल किला में जुटेंगे आदिवासी। फाइल फोटो

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संजय कुमार, रांची। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती (Birsa Munda Birth Anniversary) के अवसर पर दिल्ली के लाल किला मैदान में 24 मई को आयोजित होनेवाले जनजाति सांस्कृतिक समागम में देश के विभिन्न राज्यों से जनजाति समाज के लोग शामिल होंगे।
कार्यक्रम का आयोजन जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से किया गया है, जबकि समागम को बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे।
बिहार-झारखंड से भी बड़ी संख्या में आदिवासी इस कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचेंगे। इनके पहुंचने के लिए विशेष ट्रेनों की बुकिंग की गई है, जो अलग-अलग स्टेशनों से यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
इस आय़ोजन के माध्यम से लोग जनजातियों के अस्तित्व, परंपरा और संस्कृति की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा द्वारा अंग्रेजों के खिलाफ छेड़े गए उलगुलान आंदोलन के बारे में जानेंगे।
साथ ही मतांतरण के विरुद्ध बिरसा मुंडा द्वारा ईसाई मिशनरियों के विरुद्ध छेड़े गए संघर्ष, उनकी ओर से चलाए गए बिरसाइत धर्म और उनके जीवन से जुड़ी अन्य जानकारियों की भी झलक कार्यक्रम में दिखेगी।
कई जगहों से निकलेंगी शोभायात्राएं
जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक एवं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजकिशोर हांसदा ने बताया कि रविवार 24 मई को दिल्ली में समागम शुरू होने से पूर्व तीन बजे पांच स्थानों से विशेष शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी।
राजघाट चौक, रामलीला मैदान, अजमेरी गेट चौक, कुदशिला बाग और श्यामगिरि मंदिर से निकलने वाली इन शोभायात्राओं में जनजाति समाज के लोग पारंपरिक वस्त्रों एवं वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगे।
चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेनें
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग प्रांतों से 46 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के लोग बस, ट्रेन व अन्य वाहनों से भी पहुंचेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक छत्तीसगढ़ के गणेशराम भगत करेंगे। वहीं, वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह खरवार सहित कई लोग दायित्वधारी पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि रहेंगे।
ट्रेनों से आने वाले लोगों के लिए दिल्ली के 80 विद्यालयों में आवास तथा भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बसों और छोटी गाड़ियों से आने वाले लोगों के लिए रामलीला मैदान में भी भोजन की व्यवस्था की गई है।
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झारखंड से 4500 लोगों ने कराया है पंजीकरण
जनजाति सुरक्षा मंच के क्षेत्र संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि समागम में जाने के लिए झारखंड से जनजाति समाज के 4,500 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। दिल्ली से यात्रियों को ले जाने के लिए झारखंड से तीन विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है।
23 मई की सुबह तीन बजे रांची से एवं 12.30 बजे रात्रि में टाटा से और 22 मई की शाम पांच बजे दुमका से जनजाति समागम विशेष ट्रेन रवाना होगी।
रास्ते के अन्य स्टेशनों पर भी इन ट्रेनों में समागम में शामिल होने जा रहे यात्री सवार होंगे। यही ट्रेनें संबंधित लोगों को वापस भी पहुंचाएंगी। भागलपुर से भी एक विशेष ट्रेन 22 मई की रात दिल्ली के लिए रवाना होगी।
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