झारखंड: शिक्षकों को अधिक वेतन भुगतान हुआ तो DDO और जिला शिक्षा अधीक्षक की जेब से होगी वसूली
झारखंड में शिक्षकों और कर्मियों को अधिक वेतन भुगतान होने पर अब निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) और जिला शिक्षा अधीक्षक जिम्मेदार होंगे। स्कूली शिक्ष ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड तस्वीर
राज्य ब्यूरो, रांची। शिक्षकों एवं कर्मियों के वेतन में अधिक राशि की निकासी होती है तो इसके लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) के साथ संबंधित जिला शिक्षा अधीक्षक भी जिम्मेदार होंगे। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए जारी आवंटन में इसका स्पष्ट उल्लेख किया है।
आवंटन आदेश में यह भी कहा गया है कि यह लगातार पाया गया है कि मान्य वेतन राशि से अधिक का भुगतान होता है, जिसकी बाद में वसूली की जाती है। इससे विभाग पर कोर्ट केस का बोझ भी बढ़ता है। कहा गया कि ऐसा होता है तो अधिक भुगतान की राशि की वसूली संबंधित डीडीओ और जिला शिक्षा अधीक्षक से की जाएगी।
सभी डीडीओ को दिया गया निर्देश
आवंटन आदेश में सभी डीडीओ को निर्देश दिया गया है कि वे अंतिम वेतन प्रमाण पत्र पर अंकित अग्रिम का सामंजन करेंगे एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र अंतिम वेतन प्रमाणपत्र पूर्ण संतुष्ट होने के बाद ही निर्गत करेंगे।
विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं हेतु उपलब्ध कराई गई असामंजित अग्रिम राशि की वसूली नियमित वेतन से की जाय। सेवानिवृति लाभ से उक्त राशि की कटौती में आ रहे कठिनाइयों के आलोक में अग्रिम की वसूली प्राथमिकता के आधार पर किया जाय।
अंतिम वेतन प्रमाण पत्र पर अंकित हो
सरकार द्वारा आवास अग्रिम/मोटर कार अग्रिम/किसी अन्य प्रकार का अग्रिम इत्यादि दिया गया हो या अंतिम वेतन प्रमाण पत्र पर अंकित हो, उसकी वसूली नियमानुसार की जाए।
यह भी कहा गया है कि आयकर कटौती में लापरवाही के फलस्वरूप किसी प्रकार के लगाए गए दंड के विरुद्ध डीडीओ व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। साथ ही महालेखाकार एवं वित्त विभाग की अंकेक्षण आपत्तियों का भी समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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