रांची में सीजीएल रद करने के खिलाफ सचिवालय परिसर में सफल अभ्यर्थियों का हंगामा, धक्का-मुक्की कर घुसे अंदर
रांची में प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के बाहर जेएसएससी सीजीएल के सफल अभ्यर्थी परीक्षा रद करने के फैसले के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए परिसर में घुस गए।
HighLights
सफल अभ्यर्थी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद करने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में घुसकर पुलिस से धक्का-मुक्की की।
"न्याय दो या फांसी दो" जैसे नारों से सचिवालय परिसर में तनाव बढ़ा।
राज्य ब्यूरो, रांची। प्रोजेक्ट भवन सचिवालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी बुधवार को अचानक उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस बलों को धक्का देते हुए अंदर प्रवेश करने में सफलता पाई। दोपहर दो बजे के करीब सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार पर लगे बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और सुरक्षा घेरा लांघकर परिसर के भीतर प्रवेश कर गए।
इस दौरान पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि वरीय अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा जाए। कुछ देर में छात्र पीछे नहीं हटे तो बल प्रयोग हो सकता है। पहले से सुरक्षा में मौजूद जवानों के अलावा अगल-बगल के थानों से भी पुलिस को बुलाया गया है।
जमकर नारेबाजी हुई, “न्याय दो या फांसी दो” के नारे गूंजे
प्रोजेक्ट भवन के मुख्य द्वार को पूरी तरह से अवरुद्ध करते हुए अभ्यर्थियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी सबसे अधिक “न्याय दो या फांसी दो” के नारे लगा रहे थे। इसके अलावा “आवाज दो, हम एक हैं”, “तानाशाही नहीं चलेगी” आदि नारे लगते रहे।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारी युवा सरकारी विरोधी नारियल लगाते रहे। विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग है कि सीजीएल परीक्षा को रद करने के आदेश को वापस लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थी भावुक होकर जमीन पर लेट गए और रोते हुए न्याय की गुहार लगाने लगे, जिससे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

अभ्यर्थियों के सामने गिड़गिड़ाते दिखे पुलिस अधिकारी
मौके की नजाकत को देखते हुए पहले से ही भारी संख्या में तैनात पुलिस के अधिकारी जब सफल अभ्यर्थियों को रोकने में असफल हुए तो उन्होंने उग्र भीड़ को प्यार से समझने की कोशिश की। अभ्यर्थियों की भीड़ के सामने पुलिस के अधिकारी गिड़गिड़ाते दिखे पुलिस अधिकारी।
हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने बताया कि क्षेत्र में निषेधाज्ञा के तहत धारा 144/163 बीएनएस लागू कर दिया गया है। अभ्यर्थी पढ़े-लिखे युवा हैं, उन्हें यह समझना होगा कि इस तरह के प्रतिबंधित और अति-संवेदनशील सरकारी परिसर में विरोध प्रदर्शन करने से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
