Ranchi Rath Yatra: 335 साल की परंपरा, आज दो बजे तक प्रभु देंगे दर्शन; रथयात्रा का रूट और मेले का शेड्यूल
रांची की 335 वर्षीय ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा का विस्तृत कार्यक्रम और मेले की तैयारियों का वर्णन किया गया है। इसमें मारवाड़ी सहायक समिति की भूमिका, के ...और पढ़ें

जगन्नाथपुर में भगवान जगन्नाथ का हुआ नेत्रदान सज गया मेला कल है रथ यात्रा। (तस्वीर: संजय सुमन)
HighLights
आज सुबह 5 बजे से प्रभु के दर्शन, शाम 5 बजे रथयात्रा।
2000 से अधिक दुकानें, झूले, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था।
मारवाड़ी समिति का योगदान, संजय सेठ का सहायता शिविर।
जागरण संवाददाता, रांची। रांची की ऐतिहासिक 335वीं जगन्नाथ रथयात्रा आज से आस्था, परंपरा और जनजीवन के अनूठे संगम के साथ शुरू हो रही है, जिसके तहत सुबह की विशेष पूजा-आरती से लेकर संध्या 5:00 बजे रथ प्रस्थान और मौसीबाड़ी आगमन तक का पूरा समय-पत्रक (शिड्यूल) तय किया गया है।
श्रद्धालुओं की सेवा और सुचारू आयोजन के लिए मारवाड़ी सहायक समिति तथा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा विशेष सहायता शिविर लगाए गए हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों और सीसीटीवी की निगरानी के बीच 2000 से अधिक दुकानों, आधुनिक झूलों और अनूठे आकर्षणों से सजा ऐतिहासिक 10-दिवसीय रथ मेला भी पूरी तरह गुलजार हो चुका है।
आज सुबह पांच बजे से दो बजे तक प्रभु देंगे दर्शन
- प्रातः 4 बजे पूजा आरती
- प्रातः 5 बजे श्री विग्रहों का दर्शन सुलभ
- अपराह्न 2:00 बजे दर्शन बंद, सभी विग्रहों को रथ के लिए क्रमशः (श्री सुदर्शन चक्र, गरुड़ जी, लक्ष्मीनरसिंह, श्री बलभद्र स्वामी, सुभद्रा माता, श्री जगन्नाथ स्वामी जी) रथ के लिए प्रस्थान
- अपराह्न 2:30 बजे तक सभी विग्रहो का रथ के ऊपर स्थापित
- अपराह्न 2:30 बजे से 3: 00 बजे तक विग्रहों का शृंगार
- अपराह्न 3: 00 बजे से 4:30 बजे तक श्री विष्णु लक्षार्चना रथ के पास भक्तों द्वारा
- अपराह्न 4:30 बजे से अर्चित पुष्प को जगन्नाथ स्वामी के चरणों पर समर्पित करना, आरती, जगन्नाथ अष्टकम गीता पाठ।
- सभी उत्तरदायी व्यक्तियों द्वारा रथ का रस्सी बंधन।
- संध्या 5:00 से रथ यात्रा प्रारंभ- हटिया पुलिस उपाधीक्षक द्वारा संचालन
- संध्या 6:00 बजे रथ का मौसीबाड़ी पहुंचना।
- संध्या 6:00 से 6:45 बजे तक रथ के ऊपर महिलाओं का दर्शन (साड़ी मे)
- संध्या 6:46 से 7:00 बजे तक श्री विग्रहों को रथ से उतार कर मौसीबड़ी मंदिर में प्रवेश करना।
- रात्रि 8:00 बजे 108 की मंगल आरती तत्पश्चात शयनम
335 वर्षों से आस्था की अविरल यात्रा
रांची की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा 335 वर्षों से आस्था और परंपरा की अविरल धारा को आगे बढ़ा रही है। मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी तक की यह यात्रा भले ही कुछ किलोमीटर की हो, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए इसका आध्यात्मिक महत्व असीम है।
लोकविश्वास है कि भगवान के रथ की रस्सी खींचना उनके आशीर्वाद और पुण्य का भागी बनना है। जैसे ही रथ आगे बढ़ता है, पूरा जगन्नाथपुर 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से गुंजायमान हो उठता है।
इसके साथ ही नौ दिनों तक चलने वाले भव्य रथ मेले का शुभारंभ होता है, जहां आस्था, लोकसंस्कृति और जनजीवन का अनुपम संगम दिखाई देता है। घूरती रथयात्रा के साथ भगवान पुनः मुख्य मंदिर लौटते हैं और इसी के साथ ऐतिहासिक महोत्सव पूर्णता को प्राप्त होता है।
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सेवा के लिए की गई थी मारवाड़ी सहायक समिति की स्थापना
रथयात्रा के दिन ही मारवाड़ी सहायक समिति की स्थापना की गई थी। अध्यक्ष विनोद जैन ने बताया कि 1913 से रथयात्रा के दिन रथयात्रा के लिए ही समिति बनी थी। तब तब मारवाड़ी सहायक समिति रथयात्रा और इस दिन मंदिर के शृंगार का काम देख रही है।
रथ को सजाने से लेकर रथयात्रा के दिन पूजन सामग्री, प्रसाद, सजावट सब कुछ समिति ही करती है। श्री विष्णु लक्षार्चना में लगने वाले फूलों की व्यवस्था समिति करती है। भक्तों के प्रसाद भी समिति ही बांटती है। सौ से ऊपर समिति के लोग लगे होते हैं।
मेले में रक्षा राज्य मंत्री का सहायता शिविर
ऐतिहासिक रथ मेला में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा सहायता शिविर लगाया गया है। बुधवार को संजय सेठ ने शिविर का उद्घाटन किया। शिविर में संजय सेठ सहायता समूह के 200 कार्यकर्ता इस मेला में आए भक्त जनों को अपनी सेवा प्रदान करेंगे।
शिविर में चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य सहायता आने वाले श्रद्धालुओं के बीच प्रदान की जाएगी। सेठ ने कहा दक्षिण छोटानागपुर के इस ऐतिहासिक रथ मेला में आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई ना हो इसके लिए यह शिविर लगाया गया है। हमारे कार्यकर्ता आने वाले श्रद्धालुओं को हर संभव मदद करेगी l
इस अवसर पर रांची की मेयर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर नीरज कुमार, महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, महामंत्री बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, राजू सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
गुलजार हो गया रथयात्रा मेला
जगन्नाथ मंदिर से लेकर परिसर तक गुलजार हो गया। चारों तरफ झूले नजर आ रहे हैं। दुकानें लग चुकी हैं। रथ सजाया जा रहा है। इस बार दो हजार से अधिक दुकानें लगी हैं। रांची, दुमका, देवघर, पुरुलिया आदि से दुकानदार आकर दुकान लगा चुके हैं।
मेला संवेदक ने बताया कि हमारी ओर से व्यवस्था कर ली गई है। गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू होगी। दस दिनों तक मेला गुलजार रहेगा। संवेदक विकी पांडेय ने बताया कि ग्रेविटी झूला आकर्षक का केंद्र होगा। मेले में 25 छोटे-बड़े झूले लगाए गए हैं।
जंगल सफारी बच्चों को बहुत भाएगा। रोबेटिक जानवर होंगे। उनके साथ बच्चे खेल सकते हैं। जलपरी का अलग आकर्षक होगा। प्रिंस झूला 90 डिग्री पर मूवमेंट करेगा। मीना बाजार सज गया है। लोहा बाजार भी है। तीर-धनुष से लेकर मांदर भी मिलेंगे।
डेढ़ सौ कलाकार 19 से पेश करेंगे कार्यक्रम
रथयात्रा में 19 से 25 तक कला निदेशालय की ओर से डेढ़ सौ कलाकार कार्यक्रम पेश करेंगे। निदेशक ने बताया कि एजेंसी का चयन हो गया है। 19 से कलाकार अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इस बार विभाग ने एजेंसी को काम सौंपा है। मेले में सांस्कृतिक निदेशालय की ओर से भी एक मंच लगाया जाता है, जहां कलाकार कार्यक्रम पेश करते हैं।
विहिप रथयात्रा सेवा शिविर का उद्घाटन
जगन्नाथपुर स्थित मेला प्रांगण में विहिप रथयात्रा सेवा शिविर का उद्घाटन प्रसिद्ध समाजसेवी शंकर दुबे ने किया। विहिप व बजरंगदल के कार्यकर्ता एवं दुर्गावाहिनी, मातृशक्ति की बहनें प्रात: पांच बजे से मेला में सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति सभी कार्यकर्ता पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। शिविर में संगठन की ओर से प्रसाद का वितरण के साथ प्राथमिक चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर वीरेंद्र विमल, गंगा प्रसाद यादव, मिथिलेश्वर मिश्रा, यदुनाथ पांडेय, जुगल किशोर,अमर प्रसाद, किशुन झा, अंकित सिंह, राजा जी, कैलाश केशरी, चन्द्रदीप दुबे, गोपाल पारीख, योगेश खेड़वाल, अनिल तिवारी, सुमन सिंह, अजय बैठा, हरे कृष्ण पाण्डेय, अंशिका राजपूत, पूजा शर्मा, प्रिय सोनी के साथ अनेक कार्यकर्ता उपस्थिति थे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मेले में इस बार पांच वाच टावर भी लगे हैं। बैरिकेडिंग लगाया गया है। सुरक्षा का विशेष ध्यान इस बार रखा गया है। मेला आयोजक ने 62 सीसीटीवी लगाए हैं। जिला प्रशासन ने भी लगाया है।

जगन्नाथपुर रथ मेला में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 24 घंटे चिकित्सा व्यवस्था रहेगी मुस्तैद
जगन्नाथपुर धुर्वा में गुरुवार से शुरू होने वाले भगवान जगन्नाथ रथ मेला को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष मेडिकल रिस्पांस सिस्टम तैयार किया गया है। यह व्यवस्था 25 जुलाई को आयोजित होने वाली वापसी रथ यात्रा तक प्रभावी रहेगी।
सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के अनुरोध पर स्वास्थ्य विभाग ने मेले की अवधि के लिए चिकित्सकों, पारा मेडिकल कर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीमों की तैनाती की है। विभाग की ओर से चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में तीन अलग-अलग चिकित्सा दल गठित किए गए हैं, जिनमें कुल 21 सदस्य शामिल हैं।
दल मेले के दौरान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहकर श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार और आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी संभावित दुर्घटना, भगदड़ या अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष तैयारी की है।
सिविल सर्जन एवं सदर अस्पताल प्रबंधन की ओर से जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भी चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पारा मेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाओं और ऑक्सीजन सिलिंडरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेले के दौरान उपचार के लिए आवश्यक दवाएं, प्राथमिक उपचार किट, मेडिकल उपकरण और ओआरएस का भी पर्याप्त भंडारण किया गया है।
जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दवाओं की आपूर्ति के लिए स्थानीय स्तर पर भी विशेष व्यवस्था बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
यूपीएचसी जगन्नाथपुर में रहेगी विशेष चिकित्सा टीम
मेले के दौरान जगन्नाथपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) में एक विशेष चिकित्सा दल की तैनाती की गई है। यह टीम प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक सेवा देगी। 21 सदस्यीय टीम में चिकित्सक, नर्सिंग एवं पारा मेडिकल कर्मी शामिल हैं।
किसी भी दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में यह टीम मौके पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी करेगी।